मधेपुरा में भाकपा की पदयात्रा तेज, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर गांव-गांव पहुंच रहे कार्यकर्ता

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की 'गांव-गांव, पांव-पांव पदयात्रा' मधेपुरा जिले में जनविरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ जोर पकड़ रही है. नेताओं ने लोगों से 1 सितंबर को दिल्ली में होने वाली भाकपा रैली में शामिल होने की अपील की है.

Madhepura News: केंद्र और राज्य सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की ‘गांव-गांव, पांव-पांव पदयात्रा’ रविवार को मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड के खाड़ा और नयानगर पंचायत पहुंची. पदयात्रा के चौथे दिन बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी देखने को मिली. इस दौरान भाकपा नेताओं ने विभिन्न गांवों में जनसंपर्क कर लोगों को पार्टी के अभियान से जोड़ने और 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित भाकपा रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया.

पदयात्रा के दौरान नेताओं ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए जनता को संगठित संघर्ष करना होगा.

सीनवारा से शुरू होकर कई गांवों से गुजरी पदयात्रा

रविवार को पदयात्रा सीनवारा से शुरू होकर खाड़ा, चकलावासा, सिंगारपुर नवटोल होते हुए नयानगर पंचायत पहुंची. गांवों में जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने लोगों से संवाद किया और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ अभियान चलाया.

भाकपा नेताओं ने कहा कि यह पदयात्रा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर आम लोगों की समस्याओं को समझने और उन्हें आंदोलन से जोड़ने का प्रयास है.

“देश कठिन दौर से गुजर रहा है”

पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि देश आजादी के बाद सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और अत्याचार से आम जनता परेशान है.

उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है. उनके अनुसार बड़ी संख्या में गरीब परिवार अब भी रोटी, रोजगार, वास और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों से वंचित हैं.

किसानों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दे उठाए

प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सम्मान और महंगाई पर नियंत्रण जैसे मुद्दे पार्टी के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं.

उन्होंने लोगों से अपील की कि इन मांगों को लेकर 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित भाकपा की रैली में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें.

राज्य नेतृत्व ने सरकारों पर साधा निशाना

भाकपा के राज्य परिषद सदस्य उमाकांत सिंह और सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा ने भी केंद्र और राज्य सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि शोषण और दमन की बुनियाद पर खड़ी सरकारें जनता के हित में काम नहीं कर सकतीं. नेताओं का कहना था कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है और जनता अब बदलाव चाहती है.

पदयात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल

इस अभियान का नेतृत्व प्रमोद प्रभाकर, उमाकांत सिंह, रमेश कुमार शर्मा, प्रमोद कुमार सिंह, अरुण कुमार तांती और किसान सभा के जिला सचिव मुकुंद प्रसाद यादव कर रहे थे.

पदयात्रा में दिगंबर झा, सच्चिदानंद शर्मा, अशोक मेहता, अनिल पासवान, राजकिशोर राम, रामरतन चौधरी, वीरो सिंह, लूरी मेहरा, प्रवीण मंडल, दिनेश महतो, रामचंद्र पासवान, पप्पू साह, सुधीर सिंह, सौदागर चौधरी, नरेश राम, सन्नी कुमार, अमरेंद्र सिंह, बागेश्वर शर्मा, रामलेक शर्मा, सुरेश साह, बरमी ठाकुर, मणिलाल मंडल, धनुषधारी शर्मा, नंदन ऋषिदेव, जनार्दन ऋषिदेव, मानिक चंद मुखिया, सूरज मुखिया, लटो राम, पवन राम और अवधेश राम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए.

Madhepura News: गांव-गांव संपर्क अभियान जारी रहेगा

भाकपा नेताओं ने कहा कि यह पदयात्रा आने वाले दिनों में अन्य पंचायतों और गांवों में भी जारी रहेगी. उनका दावा है कि अभियान का उद्देश्य आम जनता के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना और लोगों को व्यापक जनआंदोलन के लिए तैयार करना है.

Also Read: RJD की 20 साल की सियासी कहानी: 2005 की हार से 2020 की वापसी और 2025 के झटके तक, कहां चूकी पार्टी?

Also Read: बिहार में सीनियर ऑफिसर-मिनिस्टर करेंगे छात्रों से बात, पढ़ाई होगी स्मार्ट, CM सम्राट के 4 घोषणाओं से बदलेगा एजुकेशन सिस्टम


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By कौनैन वशीर

कौनैन वशीर प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. वर्ष 2001 में अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत की. अभी उदाकिशनगंज (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >