Madhepura News: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, युवाओं के लिए नियमित रोजगार और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रेवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) ने संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है. संगठनों ने कहा कि बिहार के छात्र और युवा लंबे समय से शिक्षा और रोजगार के सवाल पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो राज्यभर में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा.
बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या, नियमित रोजगार की मांग
आरवाईए जिला संयोजक कृष्ण कुमार ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है.
उन्होंने सरकार से आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर रोक लगाकर नियमित और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने, सभी सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र बहाली करने और ठेका प्रथा समाप्त कर स्थायी नियुक्ति की मांग की.
उन्होंने यह भी कहा कि सभी बेरोजगार युवाओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दिया जाए तथा एक करोड़ रोजगार देने के वादे को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए.
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
AISA जिला सचिव पावेल कुमार ने कहा कि बिहार का समग्र विकास मजबूत शिक्षा व्यवस्था के बिना संभव नहीं है.
उन्होंने NTA की परीक्षा प्रणाली में सुधार, NEP 2020 और FYUP को वापस लेने, तथा 7.5 CGPA की बाध्यता समाप्त कर सभी छात्रों को समान डिग्री देने की मांग की.
उनका कहना था कि सरकारी विद्यालयों को बंद या मर्ज करने के बजाय उनमें पर्याप्त शिक्षक, संसाधन और बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
सरकारी स्कूलों को केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर विकसित करने की मांग
पावेल कुमार ने कहा कि बिहार के सरकारी विद्यालयों को केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर विकसित किया जाए, ताकि ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा को लगातार महंगा बनाया जा रहा है, जबकि सरकार को सस्ती, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.
सिवान गोलीकांड की जांच की मांग
संगठन ने सिवान में छात्रों पर गोली चलाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की.
पावेल कुमार ने कहा कि छात्रों और युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए.
फीस वृद्धि और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का मुद्दा भी उठाया
AISA जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार विकास ने कहा कि विद्यालयों का भगवाकरण बंद किया जाए और यूजी महाविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त करने के प्रयास रोके जाएं.
उन्होंने यूजी, पीजी और पीएचडी पाठ्यक्रमों में लगातार बढ़ रही फीस पर भी चिंता जताई और कहा कि छात्रों पर आर्थिक बोझ डालना बंद किया जाए.
Madhepura News: सरकार ने पहल नहीं की तो होगा व्यापक आंदोलन
संगठनों ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार छात्रों और युवाओं की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करती, तो राज्यव्यापी व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा.
कार्यक्रम के दौरान आरवाईए नेता दिलखुश कुमार और मुन्ना जायसवाल सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे.
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