Bihar Crime: एक दोस्त ने दूसरे दोस्त की चाकू गोद कर दी हत्या, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Bihar Crime: बिहार के मधेपुरा में एक दोस्त ने दूसरे दोस्त की हत्या कर दी. आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर शव को झाड़ी में में फेंक दिया था.

Bihar Crime: 60 हजार रुपया लेन-देन को लेकर एक दोस्त ने दूसरे दोस्त की चाकू गोद कर हत्या कर दी. आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दोस्त की हत्या कर दी. साथ हीं शव को ठिकाने लगाने के लिए सदर थाना क्षेत्र के भेलवा-रतनपुरा मुख्य मार्ग के एक झाड़ी में शव फेंक कर फरार हो गया. मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा पुलिस मामले की जांच कर रही है. मालूम हो कि मधेपुरा जिले के सदर प्रखंड क्षेत्र के भेलवा-रतनपुरा मुख्य मार्ग के एक झाड़ी में शुक्रवार की रात एक युवक का शव फेंका हुआ मिला. सदर थाने की पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया था.

चाकू गोदकर युवक की हुई हत्या

पुलिस को मिले शव को देखने के प्रतीत हो रहा है कि चाकू गोद कर युवक की हत्या की गई है. मृतक की पहचान गम्हरिया थाना क्षेत्र वार्ड तीन निवासी संजय भगत का 22 वर्षीय बेटा राजदीप कुमार उर्फ बाबू साहब के रूप में हुई. मृतक के परिजन ने परोस के ही मनोज कुमार के पुत्र शिवम कुमार पर रुपये लेनदेन को लेकर राजदीप की हत्या का आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने बताया कि गुरुवार की शाम रुपया वापस करने के नाम पर शिवम कुमार ने राजदीप को कॉल करके घर से बाहर बुलाया और अपने बाइक पर बैठा कर ले गया, फिर दोस्तों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी.

राजदीप ने शिवम को लोन उठाकर दिया था 60 हजार रुपया

शनिवार को सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के मौसा बमशंकर भगत ने बताया कि राजदीप कुमार ने पड़ोस में रहने वाले मनोज कुमार के पुत्र शिवम कुमार को एक महीना पहले राजदीप ने लोन उठाकर 60 हजार रुपया दिया था. कुछ दिन में वह रुपये वापस कर देने की बात कही थी, लेकिन वह रुपया वापस नहीं कर रहा था. राजदीप के पिता जब राजदीप से रुपया वापस मांग रहे थे तो राजदीप ने रुपया वापस करने के लिये शिवम पर अधिक दबाव बनाया. जिसके बाद गुरुवार की शाम शिवम कुमार ने राजदीप को कॉल करके घर से बाहर बुलाया और अपने बाइक पर बैठा कर ले गया.

मृतक राजदीप

रातभर घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने शुरू की खोजबीन

मृतक के मौसा बमशंकर भगत ने बताया कि गुरुवार की पूरी रातभर जब राजदीप घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी. राजदीप अपना मोबाइल घर पर ही छोड़ दिया था और शिवम से संपर्क किया गया तो उसका मोबाइल ऑफ आ रहा था. शिवम के दोस्त गोलू से जब शिवम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि शिवम अभी नेपाल में है और बात नहीं हो पाएगी, लेकिन दोपहर में जब शिवम को फोन लगाया गया तो शिवम ने बताया कि वह नेपाल से आ गया है. जब उनसे राजदीप के बारे में पूछा गया तो वह आनाकानी करने लगा.

शिवम बनाने लगा बहाना

मृतक राजदीप के परिजनों ने जब राजदीप के गायब होने एवं शिवम के द्वारा राजदीप के गायब होने की जानकारी स्थानीय मुखिया को दी तो मुखिया ने शिवम से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान शिवम ने बताया कि राजदीप यहां से 60 किलोमीटर दूर है. कल यानी शुक्रवार को 10 बजे तक उसे वापस ला देंगे, लेकिन वह बहाना बनाता रहा. जब उसे खोज कर नहीं लाया तो परिजनों ने गम्हरिया थाना में राजदीप के गुमशुदगी की शिकायत की. साथ ही आरोपी शिवम को गम्हरिया पुलिस के हवाले कर दिया. गम्हरिया थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित युवक शिवम कुमार को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी.

बिलखते परिजन

शव देखते ही परिजनों के बीच मच गया कोहराम

परिजनों ने बताया कि शनिवार की सुबह गम्हरिया पुलिस से जानकारी मिली कि एक युवक का शव सदर थाने की पुलिस को मिली है, जिसे सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है. जिसके बाद जब परिजन सदर अस्पताल पहुंचे और शव को देखा तो देखने पर पता चला कि शव राजदीप का ही है. राजदीप का शव देखते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया. वहीं पिता समेत अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है. पुलिस प्रशासन के द्वारा मृतक का शव पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया. वहीं आक्रोशित मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों ने गम्हरिया-सुपौल मुख्य मार्ग भागवत चौक पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया है. जिसके बाद सूचना पाकर प्रभारी थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार दलबल के साथ भागवत चौक पहुंचकर परिजनों से वार्ता कर जाम को हटाया.

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मृतक के सर से पहले ही उठ चुका था माता का साया

मृतक राजदीप कुमार के पिता संजय भगत को दो पुत्री एवं दो पुत्र था. बेटी पुतुल कुमारी और आरती कुमारी की शादी हो चुकी है. वहीं तीसरे नंबर पर मृतक राजदीप कुमार था और चौथे नंबर पर पुत्र राजेश कुमार है. वहीं मृतक की माता राजकुमारी देवी का भी लगभग छह-सात वर्ष पूर्व बीमार होने के कारण निधन हो चुका है.

आरोपी के माता-पिता भी नशे के कारोबार में जा चुके हैं जेल

मृतक राजदीप कुमार के परिजनों ने बताया कि आरोपी शिवम कुमार कई तरह के नशे का कारोबार करता है. शराब, कोडिन कफ सिरप, स्मैक जैसे मादक पदार्थ का गैर कानूनी कारोबार करता है, इस मामले में आरोपी शिवम कई बार जेल भी जा चुका है. जानकारी के अनुसार शिवम और उसके कुछ दोस्त मिलकर गम्हरिया वार्ड नंबर सात में रूम लेकर रहता है. जहां से वे लोग नशे के कारोबार को अंजाम देते हैं. इस रूम पर शिवम एवं उसके दोस्तों के बीच हुई पार्टियों के दौरान कई बार मृतक राजदीप को भी वहां देखा गया है. वहीं जानकारी के अनुसार आरोपी शिवम के पिता मनोज कुमार एवं माता गुड़िया देवी भी पूर्व में नशे के कारोबार के आरोप में जेल जा चुके हैं. आरोपी शिवम कुमार का परिवार कई वर्ष पूर्व अपने मूल निवास स्थान यूपी से आकर गम्हरिया में बसा था, इसलिए इनके परिवार अपने गांव में यूपी वाले के नाम से जाने जाते हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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