पानी टंकी चौक पर आग का तांडव, चार घर जलकर राख : सिलेंडर ब्लास्ट से मची अफरातफरी

मधेपुरा में बिजली गिरने से 40 साल से बसे चार परिवार बेघर हो गए. घरों के साथ कीमती सामान भी जलकर राख हो गए. घटना से इलाके में अफरातफरी मच गई.

मधेपुरा : शहर के पानी टंकी चौक स्थित सरकारी जमीन पर करीब 40 वर्षों से रह रहे चार परिवारों के आशियाने मंगलवार को आग की चपेट में आ गये. स्थानीय लोगों के अनुसार बिजली का तार गिरने के बाद आग लगी और देखते ही देखते झोपड़ीनुमा चारों घरों को अपनी चपेट में ले लिया. आग के दौरान एक गैस सिलेंडर में ब्लास्ट होने से मौके पर अफरा-तफरी मच गयी. हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

आग पर काबू पाते हुए दमकल कर्मी | Prabhat Khabar Network

कपड़े, अनाज से लेकर जरूरी कागजात तक जले

आग इतनी तेजी से फैली कि परिवारों को सामान निकालने का मौका नहीं मिल सका. घरों में रखा कपड़ा, अनाज, बर्तन, फर्नीचर और रोजमर्रा के उपयोग का अन्य सामान जलकर राख हो गया. बच्चों के कपड़े और कुछ जरूरी कागजात भी आग में नष्ट हो गये. पीड़ित परिवारों का कहना है कि अब उनके पास पहनने तक के कपड़े नहीं बचे हैं.

दमकल की तीन गाड़ियों ने पाया काबू

आग की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की एक छोटी और दो बड़ी गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग की तेज लपटों को देखते हुए आसपास के लोगों को भी सुरक्षित स्थान पर हटाया गया.

स्थानीय लोगों के अनुसार शुरुआत में आग सीमित थी, लेकिन घर झोपड़ीनुमा होने के कारण लपटें तेजी से फैल गयीं. लोगों ने अपने स्तर से भी आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली.

चारों परिवार मजदूरी कर चलाते हैं घर

आग से प्रभावित परिवारों में राजा महतो, विकास महतो, छोटू महतो और सूरज महतो के परिवार शामिल हैं. बताया गया कि सभी परिवार करीब 40 वर्षों से यहां रह रहे हैं और मजदूरी कर अपना भरण-पोषण करते हैं. परिवार की महिलाएं आसपास के घरों में काम करती हैं.

अगलगी के बाद इन परिवारों के सामने रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गयी है. प्रभावित लोगों ने प्रशासन से भोजन, कपड़े और अस्थायी आवास की व्यवस्था कराने की मांग की है.

दमकल में देरी के आरोप, विभाग ने कहा- सूचना मिलते ही भेजी गाड़ी

स्थानीय लोगों ने दमकल के पहुंचने में देरी का आरोप लगाया और कहा कि यदि दमकल की गाड़ियां समय पर पहुंचतीं तो नुकसान कम हो सकता था. वहीं, दमकल विभाग का कहना है कि सूचना मिलते ही मौके पर गाड़ी भेज दी गयी थी.

घटना के बाद लोगों ने बिजली विभाग से घनी आबादी वाले इलाके में बिजली के तारों और पोल की जांच कराने की मांग की है. आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

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By Aman Kumar

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