Madhepura Nagar Parishad : मधेपुरा नगर परिषद के सामान्य बोर्ड की बैठक के दौरान शनिवार को जमकर हंगामा हुआ. मुख्य पार्षद कविता कुमारी साहा के बैठक छोड़कर चले जाने के बाद नाराज पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय में ताला जड़ दिया और जोरदार नारेबाजी की. पार्षदों का आरोप है कि करीब एक वर्ष बाद सामान्य बोर्ड की बैठक आयोजित की गयी थी, जबकि इस दौरान प्रस्ताव पंजी पर मनमाने तरीके से प्रस्ताव चढ़ाकर काम कराया जाता रहा. पार्षद पूरे मामले पर चर्चा और जांच की मांग कर रहे थे. इसी बीच मुख्य पार्षद के बैठक से चले जाने के बाद विवाद और बढ़ गया.
प्रस्ताव पंजी पर मनमाने तरीके से काम कराने का आरोप
नाराज पार्षदों ने आरोप लगाया कि एक साल से सामान्य बोर्ड की बैठक नहीं होने के बावजूद पूरे वर्ष प्रस्ताव पंजी पर मनमाने ढंग से प्रस्ताव दर्ज कर काम कराया गया. पार्षदों का कहना था कि इस मुद्दे पर बैठक में विस्तृत चर्चा और जांच होनी चाहिए.
इसी दौरान मुख्य पार्षद कविता कुमारी साहा कथित रूप से बैठक छोड़कर बाहर चली गयीं. इसके बाद पार्षदों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने नगर परिषद कार्यालय के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी.
गुस्साए पार्षदों ने कार्यालय में जड़ा ताला
मुख्य पार्षद के बैठक से चले जाने के बाद नाराज पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय में ताला जड़ दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सदर डीसीएलआर अनंत कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल को मौके पर भेजा.
डीसीएलआर ने मौके पर पहुंचकर पार्षदों से पूरे मामले की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने कार्यपालक पदाधिकारी से चर्चा की. डीसीएलआर ने पार्षदों से कहा कि यदि वे लिखित आवेदन देते हैं तो किसी अन्य पार्षद की अध्यक्षता में बैठक शुरू कराने के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सकती है.
मनीष कुमार मिंटू की अध्यक्षता में बैठक कराने का प्रस्ताव
डीसीएलआर के सुझाव के बाद पार्षदों ने आपसी विचार-विमर्श किया और मनीष कुमार मिंटू की अध्यक्षता में सामान्य बोर्ड की बैठक कराने को लेकर हस्तलिखित आवेदन तैयार किया. हालांकि उन्हें आवेदन टाइप कर देने को कहा गया.
पार्षदों के अनुसार आवेदन टाइप कर जब वे दोबारा पहुंचे, तब तक शाम के पांच बज चुके थे. इसी बीच कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यालय से निकल जाने की बात कही गयी. मुख्य पार्षद के भी पहले ही कार्यालय से चले जाने के कारण बैठक दोबारा शुरू नहीं हो सकी.
नगर परिषद में बढ़ रहा आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
नगर परिषद के मौजूदा विवाद को लेकर पार्षदों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. पार्षदों का आरोप है कि मुख्य पार्षद पूर्व में भी कई बैठकों को बीच में छोड़कर चली गयी हैं. कुछ महिला पार्षदों ने आरोप लगाया कि मुख्य पार्षद के पति कई असामाजिक तत्वों के साथ कार्यालय में हंगामा करने की नीयत से पहुंचे थे.
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले का उचित समाधान नहीं किया गया तो चरणबद्ध आंदोलन को और तेज किया जाएगा. अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी है.
