मधेपुरा. महर्षि मेंही की जयंती पर नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर तीन स्थित महर्षि मेंही ध्यान योग आश्रम के सौजन्य से झांकी निकाली गयी, जिसमें बड़ी संख्या में संतमत के अनुयायी शामिल हुए. वहीं सत्संग के पश्चात भंडारा का आयोजन किया गया. स्वामी प्रेमानंद बाबा ने कहा कि गुरु की महिमा अपरम्पार होती है. गुरु की कृपा से ही परमात्मा का दर्शन होता है. मनुष्य के जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि है. उन्होंने बताया कि महर्षि मेंही का जन्म 11 मई 1885 को मधेपुरा के खोखसी श्याम के मझुआ ग्राम में हुआ था. आयोजन को सफल बनाने में डाॅ वैद्यनाथ लाल दास, प्रो वीर किशोर प्रसाद सिंह, डाॅ आलोक कुमार, प्रो कैलाश यादव, नारायण यादव, जवाहर यादव, प्रो संजीव लोचन, शवरी रानी, गोदावरी देवी, गौरी देवी, पूनम देवी, नीलम देवी, गजेंद्र यादव, विष्णुदेव यादव, लाल बिहारी यादव, प्रो गणेश कुमार, प्रो अरुण कुमार आदि शामिल थे.
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