मधेपुरा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से विधिक सेवाएं योजना 2015 के तहत शनिवार को ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मधेपुरा परिसर में नशा उन्मूलन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना व उन्हें उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जागरूक करना था. महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो कैलाश प्रसाद यादव ने कहा कि नशा न केवल शिक्षा बल्कि जीवन की दिशा को भी नष्ट कर देता है. युवाओं को चाहिए कि वह अपने भविष्य की चिंता करते हुए ऐसे प्रलोभनों से दूर रहें. दर्शनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ सुधांशु शेखर ने कहा कि नशा एक मानसिक व सामाजिक रोग है. इसका समाधान केवल कानून से नहीं, बल्कि नैतिक शिक्षा व आत्मचिंतन से भी संभव है. हमें अपने छात्रों को विचारशील व समाजोन्मुख बनाना होगा. कार्यक्रम में अधिवक्ता विजय कुमार ने छात्र-छात्राओं से अपील किया कि वह नशे से दूर रहें और समाज को भी इस दिशा में जागरूक करें. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव योगेश कुमार मिश्र ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नशा उन्मूलन के लिए विभिन्न योजनाएं चलायी जा रही है, जिनके अंतर्गत नशा पीड़ितों को विधिक सलाह, पुनर्वास व सहायता उपलब्ध करायी जाती है. आम जनता को इस विषय में जानकारी देने के लिए महाविद्यालय व शिक्षण संस्थानों में निरंतर अभियान चलाया जा रहा है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं समेत अन्य उपस्थित रहे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
