ट्रेड एक्सपो का महिलाएं उठा रही लुत्फ

राष्ट्रीय मेले में खरीदारी करने के लिए पहुंचने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा मधेपुरा : नेशनल ट्रेड एक्सपो में खरीदारी करने के लिए पहुंचने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा है. कुछ खरीदारी को लेकर संजीदा हैं तो कुछ मेले देखने का लुत्फ लेना चाहती हैं. मेला उनके लिए केवल खरीदारी की जगह न […]

राष्ट्रीय मेले में खरीदारी करने के लिए पहुंचने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा

मधेपुरा : नेशनल ट्रेड एक्सपो में खरीदारी करने के लिए पहुंचने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा है. कुछ खरीदारी को लेकर संजीदा हैं तो कुछ मेले देखने का लुत्फ लेना चाहती हैं. मेला उनके लिए केवल खरीदारी की जगह न हो कर जीवन की एकरसता को खत्म करने का साधन बन कर आया है. मधेपुरा शहर में इस तरह का ट्रेड एक्सपो यूं तो पहली बार आया है, लेकिन मनोरंजन के अन्य साधन से विहीन मधेपुरा में शहरवासियों के लिए यह कई मायनों में अहम है. एक ही जगह खरीदारी से लेकर खाना-पीना और बच्चों के मनोरंजन के साधन से इन दिनों लोगों की शाम बेहतरीन हो गयी है.
मेले में आनंदित हैं महिलाएं : शहर के पुरानी बाजार निवासी नीरा देवी कहती हैं कि जीवन जब एक रूटीन में चलता है तो इसमें कहीं न कहीं उबन का अनुभव होने लगता है. ऐसे में इस तरह के आयोजन से दिनचर्या बदलती है और मूड तरोताजा हो जाता है. साथ में घर की छोटी-मोटी जरूरत की चीजों की खरीदार भी हो जाती है. वहीं सिंहेश्वर से मेले का आनंद लेने पहुंची रंजना सिन्हा कहती हैं कि उन्होंने घरेलू उद्योग के तहत बनने वाले उत्पादों के बारे में सुना था.
यही सोच कर एक्सपो पहुंच गयी कि इस उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार के बारे में कुछ जानकारी मिलेगी. आचार एवं पापड़ संबंधी घरेलू उद्यमियों से काफी कुछ सीखने का मौका मिला है. वहीं शहर के वार्ड संख्या आठ निवासी रश्मि कुमारी कहती हैं कि उन्हें बहुत दिनों से अच्छे क्वालिटी की कालीन की तलाश थी जो एक्सपो पहुंच कर खत्म हुई. सिंहेश्वर की मनीषा को राजस्थानी प्रिंट के हैंडलूम चादर खूब भाया. वहीं उन्हें फूड जोन में अपने बच्चों के साथ तरह तरह के व्यंजन का लुत्फ लेने का मौका भी मिला. वह कहती हैं कि बच्चों को आउटिंग पर हमेशा बाहर ले जाना संभव नहीं होता. ऐसे में इस तरह के आयोजन के लिये वह शुक्रगुजार हैं.
बढ़ी भीड़ तो बढ़ायी गयी तिथि : नोटबंदी के कम होते असर का प्रभाव नेशनल ट्रेड एक्सपो पर भी दिखने लगा है. यही कारण है कि जैसे-जैसे एक्सपो के समाप्त होने की तिथि नजदीक आने लगी थी लोग एक्सपो पहुंचने लगे थे. इस भीड़ को देखते हुए नेशनल ट्रेड एक्सपो के आयोजकों ने जिला प्रशासन से एक्सपो की तिथि बढ़ाये जाने की अनुमति मांगी थी. अब लोग एक्सपो का आनंद 29 नवंबर तक उठा सकेंगे. वहीं इस बढ़ी तिथि की सूचना मिलने के बाद शहरवासियों ने भी राहत की सांस ली है.
गौरतलब है कि इस मेले में देश भर के कई राज्यों के हस्तशिल्प कारीगर अपने उत्पाद का प्रदर्शन एवं बिक्री करते हैं. नेशनल ट्रेड एक्सपो के कार्यक्रम समन्वयक शब्बीर अहमद ने बताया कि नोटबंदी के कारण लोग पैसे रहते हुए भी बैंकों से निकाल नहीं पाने के कारण ठीक से खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं. इस स्थिति के कारण व्यापारियों को भी अपनी पूंजी निकालने में मुश्किल हो गयी है. जबकि मेले में प्रतिदिन अपार भीड़ आ रही है. उन्होंने इस अनुमति के लिये डीएम का शुक्रिया जताते हुए कहा कि अब 22 नवंबर की जगह 29 नवंबर को समापन होगा और लक्की ड्रॉ भी उसी दिन राहत आठ बजे निकाला जायेगा. ड्रा में पुरस्कारों की संख्या भी बढ़ा दी गयी है. अब पांच की बजाय आठ उपहार लकी ड्रॉ में निकाले जायेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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