टेबुल टेनिस का हब बना मधेपुरा
खेल . हर वर्ष जिले में लगता है राष्ट्रीय खिलाड़ियों का जमावड़ा एक के बाद एक राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय टेबुल टेनिस प्रतियोगिता में परचम लहरा कर मधेपुरा की टेबुल टेनिस खिलाड़ियों ने कोसी का नाम राज्य व देश भर में रोशन किया है. अगर सुविधाएं मिले तो, मधेपुरा की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर अपना अमिट […]
खेल . हर वर्ष जिले में लगता है राष्ट्रीय खिलाड़ियों का जमावड़ा
एक के बाद एक राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय टेबुल टेनिस प्रतियोगिता में परचम लहरा कर मधेपुरा की टेबुल टेनिस खिलाड़ियों ने कोसी का नाम राज्य व देश भर में रोशन किया है. अगर सुविधाएं मिले तो, मधेपुरा की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर अपना अमिट छाप छोड़ सकती हैं.
मधेपुरा की खिलाड़ी राष्ट्रीय फलक पर कोसी क्षेत्र का नाम कर रही रोशन
मधेपुरा : हौसला बुलंद हो तो सफलता आपकी कदम चूमेंगी. इस पंक्ति को मधेपुरा की बेटियों ने सिद्ध कर दिखाया है. एक के बाद एक राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय टेबुल टेनिस प्रतियोगिता में परचम लहरा कर मधेपुरा की टेबुल टेनिस खिलाड़ियों ने कोसी का नाम राज्य व देश भर में रोशन किया है. मधेपुरा टाउन हाल में 65 वें बिहार स्टेट इंटर जिला टेबल टेनिस चैंपियनशिप में रियांशी गुप्ता ने विजय पताका फहरा कर इस बात को फिर से साबित कर दिखाया कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है.
इस चैंपियनशिप के महिला वर्ग में रियांशी गुप्ता का मधेपुरा की प्रतिभावान खिलाड़ी रिया कुमारी ने भरपूर साथ दिया. रियांशी ने छोटी सी उम्र से सफलता की कहानी गढ़नी शुरू कर दी थी. वहीं मधेपुरा की बेटी पायल अब कार्यपालक सहायक के पद को सुशोभित कर रही है. इससे पहले पायल ने जहां पहला चैंपियनशिप 2006 में जीत कर जिले को गौरवान्वित किया.
वहीं रियांशी 2010 में चैंपियनशिप जीत कर सफलता की सीढ़ी चढ़नी शुरू की. टेबुल टेनिस टीम के मैनेजर व कोच प्रदीप कुमार श्रीवास्तव मधेपुरा की बेटियों की सफलता से अभिभूत हैं. उन्होंने कहा कि मधेपुरा की ये बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर अमिट छाप छोड़ेगी.
यूथ गर्ल्स व जूनियर गर्ल्स की विजेता
बनी रियांशी
मधेपुरा में सोमवार को संपन्न राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रियांशी गुप्ता जहां यूथ गर्ल्स सिंगल एवं जुनियर गर्ल्स में विजेता बनी. वहीं रिया कुमारी विमेंस टीम चैंपियनशिप की उपविजेता रही मधेपुरा ए टीम में रियांशी का भरपुर साथ दिया. इस राज्य स्तरीय चैंपियनशिप के कैडेट गर्ल्स में मधेपुरा की प्राची कुमारी ने विजेता तो वैष्णवी वर्मा उपविजेता बनी. सब जुनियल बालक वर्ग में मधेपुरा के हर्ष राज भदौरिया ने कप पर कब्जा जमाया. वहीं मास्टर शिवम सहित अन्य खिलाड़ियों ने बेहतर खेल का प्रदर्शन कर आने वाले समय में अपने दमदार उपस्थिति का संकेत दिया.
टेबुल टेनिस को मिला राष्ट्रीय स्तर पर पहचान : मधेपुरा में अगर टेबुल टेनिस की बात हो तो मधेपुरा टेबुल टेनिस संघ के सचिव प्रदीप श्रीवास्तव के बिना अधूरी मानी जायेगी. इनकी पौधशाला से टेबुल टेनिस के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं. वहीं 1993 से ही टेबुल टेनिस की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका अदा करते रहे हैं. वहीं शिक्षाविदों ने कहा कि प्रशासन की ओर से इन खिलाडि़यों की उपेक्षा ठीक नहीं है.
यही कारण है कि विगत कई वर्षों से विभिन्न संस्थानों की ओर से खिलाडि़यों को ट्रैक सूट दिया जा रहा है. वहीं प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मधेपुरा की किसी भी प्रतिभा को अगर उपर उठने में आर्थिक कठिनाइयां आती हैं तो वे हमेशा मदद देंगे.
बेटियों पर मधेपुरावासियों को है नाज : मधेपुरा की बेटी पायल, रियांशी एवं रिया की सफलता पर जिलेवासियों को नाज है. आयोजन समिति के सचिव प्रशांत कुमार यादव एवं टीवीएस शोरूम के संचालक पुष्पेंद्र कुमार उर्फ पप्पू, हीरो शोरूम के संचालक अशफाक आलम, होली क्रॉस विद्यालय की निदेशक वंदना कुमारी एवं माया विद्या निकेतन की निदेशक चंद्रिका यादव, ने बेटियों की सफलता पर कहा कि मधेपुरा के खिलाडि़यों को प्रोत्साहित करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया किया जा रहा है.
इस दिशा में कदम बढ चुके है. बिहार राज्य टेबुल टेनिस संघ के उपसचिव प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि टेबुल टेनिस नेशनल चैंपियनशिप का रियांशी, रिया और पायल ने कई बार प्रतिनिधित्व किया है . इन्होंने कई राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय टेबुल टेनिस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का परिचय देकर लोहा मनवाया. हालांकि इन खिलाडि़यों को किसी प्रकार की सरकारी स्तर पर सहायता नहीं मिलने से नगरवासियों ने रोष प्रकट किया है.