गुरु के बिना सफलता मिलनी मुश्किल : रियांशी
मधेपुरा : पीएस कॉलेज मधेपुरा में बारहवीं कक्षा की छात्रा रियांशी गुप्ता छोटी सी उम्र में सफलताओं की सीढि़यां चढ़ना शुरू कर दी थी. सफलता की पहली सीढ़ी रियांशी को 2009 में ही मिल गयी. इसके बाद रियांशी ने अपने खेल के प्रदर्शन से सफलता की लंबी कहानी लिख दी. 2009 के बाद 2010, 2011 में कैडेट व सब जूनियर चैंपियन,
2012 मं कैडेट सब जूनियर चैंपियन बनी. वहीं 2012 में ही यूथ व जूनियर चैंपियनशिप की उप विजेता रही. 2014 एवं 2015 में सब जूनियर चैंपियन, यूथ चैंपियन एवं यूथ व वूमेंस में उप विजेता बन मधेपुरा का गौरव बढ़ायी. प्रभात खबर से खास बातचीत करते हुए रियांशी ने अपने गुरु व कोच प्रदीप श्रीवास्तव को सारा श्रेय देते हुए कहा कि अगर प्रदीप सर नहीं होते तो सफलता का शिखर तो दूर पहली सीढ़ी भी नहीं चढ़ पाती. वहीं रियांशी ने कहा कि माता पिता के प्रोत्साहन के बिना यह सब अधूरा था.
