शुक्रवार की सुबह नौ बजे कोल्हायपट्टी व रघुनाथपुर के ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया. ग्रामीण जमीन के बदले मुआवजे की मांग कर रहे थे. छह घंटे तक एसएच-91 जाम करने से लोगों को भारी परेशानी हुई.
मुरलीगंज : मुरलीगंज प्रखंड पर होकर गुजरने वाली एसएच 91 चलाई जा रहे सड़क निर्माण के विरोध में शुक्रवार की सुबह नौ बजे कोल्हायपट्टी व रघुनाथपुर के ग्रामीणों द्वारा सड़क जाम कर दिया गया. सूचना के बावजूद काफी विलंब से साढे तीन बजे जाम स्थल पर अधिकारी पहुंचे जिससे लोगों में काफी आक्रोश देखा गया. जाम का नेतृत्व कर रहे धीरेंद्र यादव ने बताया कि जिस सड़क के निर्माण कार्य को हमलोगों ने रोका वह सड़क 1970 से पहले हम लोगों की जमीन थी.
क्योंकि 70 से पहले यह सड़क चार किलोमीटर घूमकर नदी के किनारे से होकर गुजरती थी. नदी में कट जाने के कारण तत्कालीन विधायक राजनंदन प्रसाद द्वारा लाइफ लाइन कह कर किसानों से जमीन मांग ली और कहा कि कागजी प्रक्रिया पूर्ण होने में वक्त लगता है और इसका मुआवजा आप लोगों को मिल जायेगा.
वह मुआवजा आज तक नहीं मिला. फिर पथ निर्माण विभागने इसे सड़क घोषित कर गैमन इंडिया को एसएच निर्माण के लिए सौंप दिया. उस समय भी हम लोगों को भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की राशि नहीं प्राप्त हुई थी और अब भी ऐसा लगता है कि हमें नहीं मिल पायेगा. अधिग्रहण का पैसा नहीं मिला इसलिए हम लोगों ने सड़क अवरुद्ध कर रखा है एवं निर्माण कार्य को रोक दिया.
क्या है मामला . जिला पदाधिकारी के साथ इस मुद्दे पर कई बार बैठक हुई. गत एक नवंबर को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि निर्माण प्रक्रिया शुरू होने के उपरांत भुगतान कर दी जायेगी. सभी को कहा गया था कि आपलोगों जमीन का मुआवजा दिया जायेगा.
लेकिन इस पर किस दर से राशि उपलब्ध करवायी गयी इसकी लिखित जानकारी भू धारियों को उपलब्ध नहीं करवाई गई है. गुरूवार की संध्या सड़क निर्माण भी प्रारंभ कर दी गैमन इंडिया द्वारा पुनर्निर्माण के लिए मटेरियल गिराकर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया. जिसका विरोध हमलोगों ने किया और निर्माण कार्य को रोक दिया. जाम नेतृत्व कर रहे धीरेंद्र यादव का कहना है कि दुर्गा पूजा के अवसर पर बारिश के कारण रोड की स्थिति बदतर हो गई थी. समस्या को देखते हुए जिला पदाधिकारी महोदय ने कहा कि कम से कम सड़क की मरम्मत करने में अवरोधन उत्पन्न न करें तो सभी ग्रामीणों ने हामी भरी और मरम्मती का आदेश दे दिया. गुरूवार की संध्या जब गेमन इंडिया द्वारा स्थाई निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई. सभी आश्चर्यचकित हो गये.
क्योंकि पूर्व में भी 45 सालों तक हम लोग मुआवजे की राह देखते रहे और नहीं मिला. फिर किस मौखिक आश्वासन पर हम स्थाई निर्माण करने देते. इस अधिग्रहण में लगभग पांच आदमी की जमीन पड़ती है. फिर जिला पदाधिकारी द्वारा एक बोर्ड गठित कर भूमि अधिग्रहण एवं उसके मुआवजे के निर्धारण के लिए सदस्यों की टीम बनाई. इसमें भी तो 2014 की लीज नीति के तहत जिसे सदस्य नहीं होना चाहिए. बिहार सरकार रोड डेवलपमेंट लिमिटेड पदाधिकारी को भी उसका सदस्य बना दिया गया. समाचार पत्र में प्रकाशित विज्ञप्ति के अनुसार कुल 131 व्यक्तियों को भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिलना था. जो अभी तक नहीं मिल पाया है.
