आतंकियो को मरना देश हित में, लेकिन जाति के आधार पर एनकाउंटर जायज नहीं
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश करें जांच, तब सामने आयेगा सच
बीजेपी शासित राज्यों में ही क्यों दलितों व मुसलमानों को आतंकी बता कर मारा जा रहा
मधेपुरा : आतंकियों का मरना देश हित में है़ लेकिन इस तरह की घटना राजनीति व वोट के लिए जब होती है तो देश शर्मसार होता है़ मध्यप्रदेश में आठ सिमी से जुड़े आतंकी के एनकाउंटर के मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश करें तभी सच देश के सामने आ सकेगा़ आखिरकार जाति के आधार पर एनकाउंटर को किस तरह जायज ठहराया जा सकता है़ प्रधानमंत्री बतायें कि क्यों बीजेपी शासित राज्यों में ही दलितों को उग्रवादी व मुसलमानों को आतंकी बता कर मारा जा रहा है़ ये बातें जनअधिकार पार्टी के संरक्षक सह सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार को प्रेसवार्ता में कही़ उन्होंने पूरे प्रकरण पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि
सिर्फ वोट के…
भोपाल जेल मध्यप्रदेश का सबसे सुरक्षित जेल है जो किला की तरह अभेद है़ वहां अलग-अलग सेल में बंद आठ आतंकी किस तरह एक साथ हुए़ आखिरकार ऐसे खतरनाक आतंकियों की सुरक्षा एक व्यक्ति पर क्यों छोड़ी गयी़ पप्पू यादव ने कहा कि इन आतंकवादियों को जेल से बाहर निकलते ही घड़ी, पैंट, शर्ट, जूते तो मुहैया हो गये पर एक साथ जंगल में कैसे पहुंचे़ गृहमंत्री कहते हैं उनके पास हथियार नहीं था़ मध्यप्रदेश पुलिस कहती है कि दो देसी कट्टा था.
आखिर दो देसी कट्टे के सहारे कैसे मुकाबला किया गया. अगर दो हथियारधारी आतंकी थे तो दो को मारना था़ इन सब सवालों का जवाब तभी मिल सकता है, जब सुप्रीप कोर्ट के जज से मामले की जांच करायी जाये. सांसद ने सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया़ उन्होंने मांग की कि अपराधी और आतंकवादियों को संरक्षण देनेवाली राजनीतिक पार्टियों पर भी कार्रवाई हो.
