कानून में भारतीय मुद्रा नहीं लेने पर सजा का है प्रावधान
मधेपुरा : जिले में इन दिनों नकली दस के सिक्के को लेकर तरह तरह की अफवाह उड़ रही है. इस अफवाह में पड़ कर लोग दस का सिक्का लेने से परहेज कर रहे है. लोगों का मानना है कि बाजार में नकली दस के सिक्के चल रहे है. लेकिन नकली के चक्कर में असली दस के सिक्के लेने से लोग कन्नी काट रहे है.
ऐसे लोग सावधान हो जाये. चुंकि असली सिक्के नहीं लेने पर मुकदमा दर्ज हो सकता है. अगर कोई सिक्का लेने से मनाही कर रहा है तो आप स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराये. थाना में भारतीय मुद्रा का बहिष्कार करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज किया जायेगा और उक्त व्यक्ति के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी. भारतीय मुद्रा के बहिष्कार के मामले में सजा के साथ-साथ जुर्माना भी हो सकता है. इसलिए असली दस के सिक्के को लेकर कोई भ्रम न रखे.
नकली के चक्कर में असली से परहेज
सभी प्रमुख बाजार सहित खासकर ग्रामीण इलाकों में नकली के भ्रम में असली सिक्का लेने से लोग कन्नी काट रहे है. लेकिना ऐसा जानकारी के अभाव में हो रहा है. व्यवसायी अवधेश राज एवं विनोद कांबली निषाद ने बताया कि सिक्के की जानकारी के अभाव में नकली सिक्का भी बाजार में चल रहा है. इस तरह की खबर आने के बाद बाजार में व्यवासयी सिक्के को परखने लेगे और नकली सिक्के की डर से असली सिक्के भी लोग नहीं ले रहे है.
जानकारी के अभाव में भ्रम की स्थिति
कुछ दिन पहले पंजाब में नकली सिक्का बनाने का मामला उजागर हुआ था. इसके बाद से कोसी सहित आसपास के क्षेत्र में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. बाजार में अफवाह उड़ा दिया गया है कि सभी दस के सिक्के नकली है. लेकिन ऐसा कतई नहीं है. नकली नोट का प्रचलन कोई नयी बात नहीं है. जिस तरह पहले नोट अदान प्रदान करने से पहले लोग सावधानी बरतते थे ठीक उसी तरह दस का सिक्का लेने से पहले परख ले.
