इस्तेमाल के बाद पानी में छुपा कर रखी जाती है नाव
लखीसराय : बाढ़ के बाद अब भी जिले के अनेक पंचायतों में जल जमाव की स्थिति बनी हुई है़ प्रशासन द्वारा ऐसे क्षेत्रों में लोगों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की गयी है, लेकिन कई जगहों पर ऐसे लोगों को नाव का प्रभार दे दिया गया जो नाव को निजी समझ कर उसे सिर्फ अपने उपयोग में ला रहे हैं. इसी तरह का एक मामला अपर जिला सत्र न्यायाधीश तृतीय सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार लखीसराय के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से चलाये गये बाढ़ राहत व सहायता कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे लीगल क्लिनिक लखीसराय अंचल प्रभारी रजनीश कुमार के सामने आया.
मनकट्ठा के ग्रामीणों ने उनके सामने अपनी समस्या रखी. रजनीश कुमार को ग्रामीणों ने कहा कि गांव से दर्जनों लड़के व लड़कियां पानी में प्रवेश कर बभनगांवा स्थित विद्यालय में पढ़ने के लिए जाती हैं. इनके लिए नाव की व्यवस्था नहीं है. वहीं कुछ लोग अपने प्रभाव के कारण अंचल कार्यालय से सरकारी नाव लेकर अपने निजी काम में उपयोग कर रहे हैं. काम समाप्त होने पर ऐसे लोग नाव को पानी के अंदर छुपा कर रख देते हैं,
ताकि दूसरे लोगों को नाव का पता नहीं चल सके़ रजनीश कुमार ने बताया कि सरकारी नाव को जनहित में न देकर अंचल कार्यालय द्वारा खास व्यक्तियों को दिया जाना सरासर गलत है. उन्होंने कहा कि सरकारी नाव का लाभ बाढ़ पीड़ितों को मिलना चाहिए़
कहते हैं सीओ: सदर प्रखंड के सीओ अरुण कुमार ने बताया कि उनके पास इस तरह की शिकायत नहीं आयी है़ सभी सरकारी नाव बाढ़ पीड़ितों के इस्तेमाल में ही लगायी गयी है.
कहते हैं आपदा विभाग के पदाधिकारी: जिला आपदा विभाग के प्रभारी पदाधिकारी मंजु प्रसाद ने बताया कि इस संबंध में उन्हें भी सूचना मिली है. मामले की जांच करवायी जायेगी.
