सिंहेश्वर, मधेपुरा : प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनाये गये धनवाद चौक से महादलित टोले तक चलने वाले सड़क की सूरत हाईवा के लगातार चलने के कारण बिगड़ती जा रही है. जिसके कारण स्थानीय लोगों में आक्रोश है. लोगों का कहना है कि हाईवा के चलने के कारण सड़क से उड़ रहे धूल से वातावरण तो दूषित हो ही रहा है़
पुल पर संकट–वर्ष 2008 में आयी बाढ़ के बाद उक्त सड़क पर बने पुल व पुलिया काफी दयनीय स्थिति में है बावजूद इसके लगातार चल रहे भारी वाहन के कारण ओर कमजोर होता जा रहा है. यदि इसी प्रकार इस सड़क से सैकड़ों की तादात में चलाये जा रहे हाईवे को बंद नहीं किया गया तो पुल किसी भी समय गिर सकती है. हलांकि राहगीरों का कहना है कि रात के समय चलाए जा रहे हाईवे से सड़क पर बना पुल का एक हिस्सा दब गया है.
जिसे स्थानीय ठेकेदार प्रशासन की मिलीभगत से टूटे हिस्से पर बालू डाल दिया ताकि किसी की नजर ही न पड़े.– दस हजार से अधिक आबादी प्रभावित
स्थानीय विधायक के प्रयास व पंडा संमाज को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दिये गये तोहफे वाले सड़क का इस कदर टूट जाने से गांव में आक्रोश देखा जा रह है. लेकिन प्रशासन के डर व ठेकेदार की दबंगई के कारण लोग अपनी जुबान नहीं खोल पा रहे हैं. यदि पुल क्षतिग्रस्त होता है तो दस हजार से अधिक आबादी पर इसका खासा असर पड़ेगा. खासकर किसानों पऱ.
हाईवे को किया जब्त -धनवाद चौक से महेंद्र धाम जाने वाली सड़क में काफी मोड़ रहने के कारण इस सड़क पर गाड़ी लगातार मोड़ना काफी परेशानी का सबब माना जाता है़ बावजूद इसके ड्राईवर काफी मेहनत कर सड़क से मिट्टी ढ़ुलाई का काम कर रहे हैं. इसी क्रम में विगत शनिवार की देर रात एक इाईवे से एक घर क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा हाईवे को कब्जे में किया गया है.– सड़क पर भारी पड़ी गाड़ी
प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनाये गये उक्त सड़क का निर्माण या या तो ठेकेदार द्वारा मजबूती से नहीं किया गया. हाईवा पर लोड की मात्रा से अधिक बालू या मिट्टी लादा गया. विभागीय सूत्रों के अनुसार ग्रामीण सड़क पर 30 टन से अधिक बालू नहीं लिया जा सकता है. पुल के टूटने व सड़क की स्थिति दयनीय होन से स्पष्ट होता है कि ठेकेदार द्वारा घटिया सड़क का निर्माण किया गया. जिसके कारण सड़क की स्थिति खराब हो गयी.
