परिजनों को ढांढ़स बंधाते पूर्व उपमुख्यमंत्री व अन्य.
मधेपुरा : 74 आंदोलन के साथी समाज के प्रति समर्पित, पत्रकार व अधिवक्ता डा देवाशीष बोस का असामयिक निधन बेहद दुखद है. जीवट व्यक्तित्व के डा बोस कैंसर के बाद भी समाज के लिए कार्य करते रहे और मरने से कुछ घंटे पहले तक पत्रकारिता जगत से सीधे जुड़े रहे. पूरे बिहार में कोसी के बारे में जानकारी के लिए लोग उनको एनसाइक्लोपीडिया मानते हुए फोन करते थे. 2008 की प्रलयंकारी बाढ के दौरान उन्होंने जिस तरह कार्य किया.
वह अविस्मरणीय है. उपरोक्त बातें बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने डा देवाशीष बोस के परिजनों से मिलकर कही. वे सोमवार की देर शाम मधेपुरा स्थित डा बोस के आवास पर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि इंसान मर सकता है लेकिन उनके विचार सदैव लोगों के जेहन में अमर रहता है. लोगों के उनके सदकर्मों के वजह से याद किया जाता है. आज भले ही डा बोस नहीं है लेकिन उनके कार्य गरीबों के प्रति समर्पण तथा उनके अपने पेशे के प्रति समर्पण की वजह से हमेशा याद किये जायेंगे.
इस मौके पर पूर्व मंत्री डा रविंद्र चरण यादव ने कहा कि कॉलेज के दिनों के साथी को खो कर बेहद अकेला महसूस कर रहे है. मौके पर बीजेपी जिलाध्यक्ष स्वदेश कुमार, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, पूर्व मुख्य पार्षद विजय कुमार विमल आदि मौजूद थे.
