परेशानी . कई अधिकािरयों का पद रिक्त
जिला मुख्यालय सहित प्रखंडों में कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं. ऐसे में कार्य प्रभावित हो रहा है. मधेपुरा जिला आपदा मंत्री का क्षेत्र है लेकिन एडीएम आपदा का पद रिक्त है. इसके अलावा निदेशक डीआरडीए, डीपीआओ जैसे पद भी प्रभार के भरोसे ही हैं.
मधेपुरा : देश के विकास की संकल्पना और आम जन तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए विधायिका सदन में बैठ कर नियमन करते हुए लागू करने की जिम्मेदारी कार्यपालिका को देती है.
राज्य की राजधानी से लेकर पंचायत के पंचायत सचिव तक इसे मूर्त रूप देने में लगे रहते हैं. पंचायत और प्रखंड स्तरीय अधिकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कराते हैं जबकि एडीएम स्तरीय पदाधिकारी पर इन योजनाओं की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी होती है. अगर इसमें से एक भी कड़ी छूट जाये तो विकास का पूरी संरचना प्रभावित हो जाती है,
लेकिन मधेपुरा समाहरणालय में अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता आपदा, निदेशक डीआरडीए, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के अतिरिक्त वरीय उप समाहर्ता के छह पद रिक्त हैं. ये सभी पद प्रभार में चल है़ं इसके कारण जिले के विकास सहित अन्य कार्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है़ वहीं प्रखंड स्तर पर भी सीडीपीओ के 06 पद रिक्त है़ं
प्रभार में होने के कारण अधिकारियों पर काम का बोझ बहुत ज्यादा है़ इसका असर कार्यों के निष्पादन पर भी दिखता है़ अगर यही स्थिति रही तो विकास के लक्ष्य को पूरा करना संभव नहीं है. अगर लक्ष्य पूरा किया भी जाता है तो ये लक्ष्य कितने सही कितने कागजी होंगे यह समझा जा सकता है.
आपदा विभाग सात महीने से प्रभार में : मधेपुरा जिला आपदा मंत्री का क्षेत्र है़ इसके बाद भी यहां एडीएम आपदा का पद 01 जनवरी 2016 से प्रभार में चल रहा है़ जबकि अपर समाहर्ता के पद से भी 30 जून को अबरार अहमद कमर के सेवा निवृत होने के बाद यह पद भी प्रभार में चलाया गया है़
वहीं निदेशक डीआरडीए का पद विगत चार वर्षों से प्रभार के भरोसे है़ वहीं जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा एवं जिला परिवहन पदाधकारी का पद भी लंबे समय से प्रभार में ही किया जा रहा है़ जिला सांख्यिकी पदाधिकारी का पद भी खाली पड़ा हुआ है़ वहीं समाहरणालय में सात वरीय उप समाहर्ता के पद के विरुद्ध महज एक वरीय उप समाहर्ता पदस्थापित है़, शेष 06 पद रिक्त है़ इसके चलते जिले में सरकारी काम-काज पर काफी असर पड़ रहा है़
सीडीपीओ का पद अब तक खाली : 13 में से 06 प्रखंड में सीडीपीओ के पद पर पदस्थापना नहीं होने के कारण प्रभार में चल रहा है़ यहां दूसरे जगह के सीडीपीओ या वहां के बीडीओ या सीओ को प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है़ इन अधिकारियों को अपने मूल कार्य से ही समय नहीं बचता है कि वे इधर केंद्रित होकर समय दे सके़ इसका असर आंगनबाड़ी के संचालन से लेकर अन्य कार्यों में साफ-साफ दिखता है़
13 प्रखंडों में छह सीडीपीओ के पद रिक्त
एक पखवारे में अधिकारियों के पदस्थापन की उम्मीद
कल्याण पदाधिकारी की पोस्टिंग की गयी है लेकिन वे अब तक नहीं आये हैं. जिला परिवहन पदाधिकारी ने योगदान ले लिया है. वहीं शेष खाली पदों पर भी एक पखवारे के भीतर अधिकारियों के पदस्थापना की उम्मीद है़ राज्य सरकार द्वारा अधिकारियों को प्रोन्नति दी गयी है़ अब वरीय अधिकारियों के पदों पर पदस्थापना का कार्य चल रहा है़
मो सोहैल, जिला पदाधिकारी, मधेपुरा
ये पद हैं रिक्त
अपर समाहर्ता, निदेशक डीआरडीए, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, डीपीआरओ आदि पद
