जमीन पर कब्जा हटाने की मांग को लेकर परिवार के साथ दो दिन से अनशन पर बैठा था नागेश्वर
मधेपुरा/बिहारीगंज : जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने के विरोध में बिहारीगंज प्रखंड के बैधनाथपुर पंचायत के कौड़ियारही गांव का एक परिवार के द्वारा किया जा रहा अनशन के दूसरे दिन हरकत में जिला प्रशासन आ गया़ शुक्रवार देर शाम अनशनकारियों को सख्ती के साथ कमांडो दस्ते के सहयोग से सदर एसडीएम ने समाहरणालय परिसर से बाहर कर दिया़
अनशन कर रहे परिवार ने रात बस स्टैंड के पास मंदिर में गुजारी, सुबह स्थानीय विधायक ने फोन कर बिहारीगंज आने कहा. वहां पहुंचने के बाद बिहारीगंज थानाध्यक्ष एवं सीओ उसके जमीन तक गये. वहां दूसरे पक्ष को भी सारा कागजात ले कर मंगलवार को थाना पर आने का निर्देश दिया गया. पीड़ित नागेश्वर मेहता ने कहा कि शायद इस बार स्थानीय अधिकारी उसकी फरियाद सुन लें.
क्या है मामला
कौड़ियारही गांव के मौजा बैजनाथपुर में 61 डिसमल जमीन बिहार सरकार की थी़ बिटी एक्ट के तहत वाद दायर करने के बाद राजेंद्र मेहता समेत तीन भाई के नाम से इसकी डिग्री हो गयी़ इसी जमीन पर पूरा मेहता परिवार रहता है़ नागेश्वर के पिता राजेंद्र मेहता के हिस्से सवा 15 डिसमल जमीन परती है़
आर्थिक कमजोरी के कारण नागेश्वर तथा उसके तीन भाई इस पर घर नहीं बना सके़ इस बीच बगल की 25 बीघा जमीन सनंदी यादव ने खरीद लिया़ फिर रास्ता के लिए पंचायत हुई़ पंचायत ने 14 कड़ी रास्ता देने की बात तय की़ लेकिन इस पंचनामे को नहीं मानते हुए जबरन पूरे जमीन पर कब्जा के नियत से हमला किया गया़ इस हमले में जयकृष्ण मेहता जख्मी भी हुआ़ इसके बाद से ही उस जमीन पर वापस कब्जा दिलाने की लड़ाई नागेश्वर मेहता तथा उसके परिवार वाले लड़ रहे है़ं
