दु:खद. एडीएम, एडीएम आपदा समेत जिले में 13 अधिकारियों के पद रिक्त
मधेपुरा जिला अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है, यहां अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता आपदा, निदेशक डीआरडीए, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के अतिरिक्त वरीय उप समाहर्ता के 6 पद रिक्त होने के कारण प्रभार में चल रहा है़ इससे जिले के विकास कार्य एवं अन्य कार्यों पर भी प्रतिकुल असर पड़ रहा है़
मधेपुरा : प्रखंड स्तर पर सीडीपीओ के 06 पद रिक्त है़ प्रभार में होने के कारण एक अधिकारी पर काम का बोझ बहुत ज्यादा है़ जिसका असर कार्यों के निष्पादन पर भी दिखता है़ कई मामले मंथर गति से चल रहे है़ं इसके लिए जनता को जहां काफी परेशानी झेलनी पड़ रहीं है वहीं जिले के कलेक्टर को भी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है़
एडीएम आपदा का पद पड़ा है सात महीने से रिक्त : मधेपुरा जिला आपदा मंत्री का क्षेत्र है़ इसके बाद भी यहां एडीएम आपदा का पद 01 जनवरी 2016 से प्रभार में चल रहा है़ जबकि अपर समाहर्ता के पद से भी 30 जून को अबरार अहमद कमर के सेवा निवृत्त होने के बाद यह पद भी प्रभार में चलाया गया है़ वहीं निदेशक डीआरडीए का पद विगत 4 वर्षों से प्रभार के भरोसे है़ वहीं जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा एवं जिला परिवहन पदाधकारी का पद भी लंबे समय से प्रभार में ही किया जा रहा है़ जिला सांख्यिकी पदाधिकारी का पद भी खाली पड़ा हुआ है़ वहीं समाहरणालय में सात वरीय उप समाहर्ता के पद के विरुद्ध महज एक वरीय उप समाहर्ता पदस्थापित है़, शेष 06 पद रिक्त है़ इसके चलते जिले में सरकारी काम-काज पर काफी असर पड़ रहा है़
कहते हैं जिलािधकारी
कल्याण पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी समेत तीन सीडीपीओ का पदस्थापन सरकार द्वारा किया गया है़ वहीं शेष खाली पदों पर भी एक पखवारे के भीतर अधिकारियों के पदस्थापन की उम्मीद है़ राज्य सरकार द्वारा अधिकारियों को प्रोन्नति दी गयी है़ अब वरीय अधिकारियों के पदों पर पदस्थापना का कार्य चल रहा है़ शीघ्र ही जिले में अधिकारियों की कमी पूर्णत: दूर हो जायेगी़
मो सोहैल, जिलाधिकारी, मधेपुरा.
06 प्रखंडों में सीडीपीओ का पद प्रभार पर
जिले के 13 में से 06 प्रखंड में सीडीपीओ के पद पर पदस्थापना नहीं होने के कारण प्रभार में चल रहा है़ यहां दूसरे जगह के सीडीपीओ या वहां के बीडीओ या सीओ को प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है़ इन अधिकारियों को अपने मूल कार्य से ही समय नहीं बचता है कि वे इधर केंद्रित होकर समय दे सके़ इसका असर आंगनबाड़ी के संचालन से लेकर अन्य कार्यों में साफ-साफ दिखता है़
