स्वागतम . महामहिम के आने से पहले राष्ट्रीय उच्चपथ के किनारे फ्लैंक दुरुस्त
इससे पहले फ्लैंक को लेकर प्रभात खबर ने प्रकाशित किया था समाचार
मधेपुरा : आज महामहिम राज्यपाल रामनाथ कोविंद मधेपुरा में हैं. विवि और जिला प्रशासन ने उनके स्वागत की पूरी तैयारी की है. कोशिश की गयी है कि मधेपुरा पहुंचने के बाद उन्हें हर चीज सुंदर और सुहानी दिखे. संत अवध कॉलेज के मैदान में हेलीकाप्टर उतरने के बाद वहां से एनएच 106 के बीच पड़ने वाली ईंट सोलिंग पर को बराबर करने के लिए राबिस और मिट्टी डाल कर उसे ठोस बना दिया गया है. वहीं एनएच 106 से ठीक बीस मीटर पहले तक सड़क का कालीकरण भी कर दिया गया. एनएच पर चढ़ने के बाद दोनों ओर बने गड्ढे को मिट्टी से भरने की कोशिश की गयी है. विवि के पास तो एनएच के फ्लैंक मिट्टी से भर कर बना दिये गये. वहीं विवि के गेट के पास कंक्रीट डाल कर सड़क बनायी गयी है.
शेष जगहों पर फ्लैंक विहीन है एनएच : जिले में एनएच की स्थिति और कार्यशैली से हर कोई वाकिफ है. न सड़कों की पर्याप्त चौड़ाई और न निर्माण में गुणवत्ता. हद तो यह है कि सड़क के दोनो ओर फ्लैंक के नाम पर राशि का भुगतान तो हो जाता है लेकिन बनाया नहीं जाता. इसके कारण सड़क पर हादसे हर घड़ी इंतजार किया करते हैं. सिंहेश्वर से मधेपुरा के बीच एनएच 106 पर यातायात का काफी दवाब रहता है. शहर के बस स्टैंड से सिंहेश्वर की ओर निकलते ही सड़क के दोनों ओर ऐसे पचासों प्वाइंट हैं जहां सड़क के किनारे एकाएक जमीन काफी नीची है. इन पर कभी भी दुर्घटनाएं हो सकती है.
फ्लैंक के नाम डाल दी मिट्टी : गौरतलब है कि वर्ष 1013 में एनएच 106 के निर्माण का टेंडर निकाला गया था. निर्माण एजेंसी टॉपलाइन कंस्ट्रक्शन को सड़क बनाने की जिम्मेदारी दी गयी. एजेंसी को एनएच 106 को सिंहेश्वर के डंडारी से लेकर मधेपुरा के राजपुर तक सड़क को फ्लैंक के साथ बनाना था.
हालांकि उक्त निर्माण एजेंसी को एनएच 106 और 107 में कई अन्य जगह की ठेकेदारी भी मिली थी. मधेपुरा से सिंहेश्वर के बीच निर्माण एजेंसी ने बुलडोजर मशीन से सड़क के किनारे से मिट्टी उठा कर वहीं डाल कर खानापूर्ति कर ली. वहीं मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र में जहां सड़क के किनारे से मिट्टी उठाना संभव नहीं था, वहां ट्रैक्टर से मिट्टी डाली गयी. उस वक्त इस मामले को प्रभात खबर ने प्रमुखता से उठाया था. लेकिन सड़क के फ्लैंक के नाम पर डाली गयी मिट्टी उसी साल बरसात के महीने में पानी के साथ बह गयी. स्थिति जस की तस रह गयी. वही विभाग ने आनन फानन में एजेंसी का भुगतान भी कर दिया.
ये प्वाइंट हैं खतरनाक : एन एच 106 पर शहरी क्षेत्र में कई ऐसे खतरनाक प्वाइंट हैं जहां हादसे इंतजार किया करते हैं. इनमें पुराने डीएसपी ऑफिस के सामने, विद्युत कार्यालय के सामने, विश्वविद्यालय के सामने, बॉबी नर्सरी के सामने, पीएचइडी कार्यालय के सामने से लेकर टी पी कॉलेज तक, रामरहीम रोड के सामने से लेकर बस स्टैंड से पहले तक, बीपी मंडल चौक से लेकर पुल तक आदि ऐसे प्वाइंट हैं जो काफी खतरनाक हैं. महामहिम के आने की सूचना पर इनमें से अधिकतर जगहों पर सड़क के किनारे मिट्टी डाल कर फ्लैंक को तत्काल भरने की कोशिश की गयी है. गौरतलब है कि इन जगहों पर रोज साइड होने के चक्कर में लोग फिसल जाया करते हैं.
