पांच घंटे जाम में बेचैन रही जिंदगियां

दुर्घटना में मौत का मामला . मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एनएच 107 किया बाधित सदर प्रखंड तुलसीबाड़ी सीमा टोला वार्ड नंबर सात निवासी 35 वर्षीय सिकेंद्र यादव की रविवार को देर शाम सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी थी. इसको लेकर सोमवार को गुमटी पुल के नजदीक शव को रख कर ग्रामीणों […]

दुर्घटना में मौत का मामला . मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एनएच 107 किया बाधित

सदर प्रखंड तुलसीबाड़ी सीमा टोला वार्ड नंबर सात निवासी 35 वर्षीय सिकेंद्र यादव की रविवार को देर शाम सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी थी. इसको लेकर सोमवार को गुमटी पुल के नजदीक शव को रख कर ग्रामीणों ने लगभग पांच घंटे तक एनएच 107 को जाम कर दिया. परिजन व ग्रामीण सुबह आठ बजे से ही एनएच 107 पर बांस बल्ले लगाकर आने-जाने वाली गाड़ियों को अवरुद्ध कर दिया था. जाम से लोगों को उमस भरी गरमी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
मधेपुरा : सिकेंद्र यादव की मौत को लेकर परिजन को दस लाख रुपये मुआवजा, इंदिरा आवास व अन्य लाभ की मांग कर रहे थे. लगभग पांच घंटे तक इस जाम के कारण यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. लगभग एक बजे सदर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी घटना स्थल पर पहुंच कर सरकारी प्रावधान के अनुसार लाभ देने का आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया. जानकारी अनुसार रविवार की देर शाम मृतक केदार यादव अपनी पत्नी पूनम देवी को बीमार हालत में अस्पताल में भरती कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे.
इसी दौरान एनएच 107 पेट्रोल पंप और डीपो के समीप अन्यंत्रित ट्रैक्टर जिसका नंबर बीआर 19एफ 6725 ने ठोकर मार दिया. ट्रैक्टर की चपेट में आकर मृतक केदार यादव गंभीर रूप से घायल हो गये और उसकी मौत हो गयी. ट्रैक्टर चालक मौका देख कर फरार हो गया. सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम के बाद सोमवार की सुबह परिजनों ने लाश को लेकर गुमटी पुल के समीप एनएच 107 को घंटों अवरूद्ध कर दिया. बीडीओ के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम हटाया. मृतक परिवार में अकेला ही कमाने वाला था. वह राज मिस्त्री का काम कर किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण करता था. मृतक के पांच छोटे – छोटे बच्चे है. जिनमें तीन लड़का व दो लड़की है. पूरे परिवार का रो – रो कर बुरा हाल है. गुमटी पुल के पास सड़क जाम रहने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. लगभग पांच घंटा तक जाम लगे रहने के कारण तेज धूप व उमश भरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल रहा. यह सड़क पूर्णिया एवं मधेपुरा को जोड़ने वाला एक मात्र रास्ता है. सुबह से लगे इस जाम को देखने वाला कोई नहीं था. जाम से खास कर महिलाओं, बच्चों एवं रोगियों को काफी पेरशानियों का सामना करना पड़ा. हालाकि बाद में बीडीओ के काफी समझाने के उपरांत जाम खत्म किया गया.

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