मधेपुरा : व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित एडीजे तृतीय न्यायाधीश रमण कुमार की अदालत ने अपहरण और हत्या के मामले में सत्रवाद 19/90 में ब्रजेश कुमार सिंह एवं चंद्रिका सिंह को दोषी करार दिया. मामले में सूचक राम सुंदर सिंह के अनुसार जो उस समय कॉपरेटिव बैंक मधेपुरा में विकास पदाधिकारी थे के अनुसार उनके 16 वर्षीय पुत्र सोरभ सिंह उर्फ मिलन सिंह का अपहरण जेनरल हाइस्कूल के छात्रा वास से 05 सितंबर 1988 को कर लिया गया तथा उनसे 75 हजार एवं 25 भरी सोना फिरोती की मांग की गयी. बाद में सौरभ की लाश बरामद की.
इस संबंध में उन्होंने मधेपुरा थाने में 10 सितंबर 1988 प्राथमिमी दर्ज करवाया था. सजा के मामले में आगे सुनवाई होगी. मामले में एक बचाव पक्ष चंदिका सिंह की ओर से मामले की पैरवी अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह एवं राज्य की ओर से मामले की पैरवी शशिधर प्रसाद सिंह कर रहे हैं.
