राशि निकासी के बावजूद नर्मिाण कार्य अधूरा, प्रशासन मौन

राशि निकासी के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा, प्रशासन मौन फोटो – मधेपुरा 14कैप्शन – अधूरा पड़ा भवन, केंद्र परिसर में पी सामग्री प्रतिनिधि, उदकिशुनगंज, मधेपुरा,अनुमंडल के चौसा प्रखंड अंतर्गत पैना ग्राम पंचायत के तहत चंदा गांव के वार्ड नंबर चार में बीआरजीएफ योजना के तहत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र का राशि निकासी के के बावजूद भी […]

राशि निकासी के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा, प्रशासन मौन फोटो – मधेपुरा 14कैप्शन – अधूरा पड़ा भवन, केंद्र परिसर में पी सामग्री प्रतिनिधि, उदकिशुनगंज, मधेपुरा,अनुमंडल के चौसा प्रखंड अंतर्गत पैना ग्राम पंचायत के तहत चंदा गांव के वार्ड नंबर चार में बीआरजीएफ योजना के तहत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र का राशि निकासी के के बावजूद भी भवन निर्माण कार्य एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है. फिर भी प्रशासन मौन है. — यह है मामला — दरअसल वित्तीय वर्ष 2013-14 में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 71 के भवन निर्माण के लिए सात लाख 33 हजार रूपये का प्राक्कलन बनाया गया था. कार्य निष्पादन के लिए ग्राम पंचायत सचिव विंदेश्वरी मंडल को अभिकर्ता बनाया गया था. भवन निर्माण कार्य पूरा करने के लिए अभिकर्ता द्वारा पांच लाख सात हजार पांच सौ रूपये की निकासी कर ली गयी है. फिर भी अभिकर्ता द्वारा भवन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है. बावजूद इसके भी प्रशासन द्वारा अभिकर्ता के विरूद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं नहीं की जा रही है कारण अभिकर्ता काफी पहुंच वाले लोग. यही वजह रहा है कि विगत वर्षों से कार्य को लंबित रखा गया है. — हो रहा है अतिक्रमण — इतना ही नहीं आंगनबाड़ी केंद्र की जमीन पर ग्रामीणों ने अवैध कब्जा कर रखा है. अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है. जबकि दिन प्रतिदिन अतिक्रमण कारियों का जमावड़ा हो गया.–बिजली हो सकता है जान लेवा — उक्त केंद्र की बिडंबना ही रही है कि केंद्र के पूरब की ओर से 440 वोल्ट पावर का और पश्चिम की ओर से हाइटेंशन तार लटक रहा है. जिससे भविष्य में खतरा पैदा हो सकता है. चूंकि केंद्र के निर्माणाधीन भवन से बिजली तार सटा हुआ. इतना ही नहीं भवन से सटा हुआ बिजली ट्रांसफॉरर्मर भी लगा हुआ है. अगर बिजली का तार व ट्रांसफॉरर्मर नहीं हटाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. — वर्जन — पंचायत सचिव तथा अभिकर्ता विंदेश्वरी मंडल से कार्य प्रारंभ करने के लिए कहा गया है. अगर एक सप्ताह के अंदर पुन: कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया तो राशि वापस करने के लिए कार्रवाई की जायेगी. अगर उसके बाद भी राशि वापस नहीं किया तो वेतन से राशि की कटौती की जायेगी. मिथिलेश बिहारी वर्मा, चौसा, मधेपुरा.

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