आस्था के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित

आस्था के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जितफोटो – मधेपुरा 01- 10-शारदीय नवरात्रि . श्रद्धा व भक्ति के साथ दुर्गा पूजा का समापनप्रतिनिधि, मधेपुरा. जिले में श्रद्धा और भक्ति के साथ हर्षोल्लास पूर्वक दुर्गा पूजा संपन्न हो गया. गुरुवार को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी. जिला मुख्यालय में बड़ी दुर्गा […]

आस्था के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जितफोटो – मधेपुरा 01- 10-शारदीय नवरात्रि . श्रद्धा व भक्ति के साथ दुर्गा पूजा का समापनप्रतिनिधि, मधेपुरा. जिले में श्रद्धा और भक्ति के साथ हर्षोल्लास पूर्वक दुर्गा पूजा संपन्न हो गया. गुरुवार को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी. जिला मुख्यालय में बड़ी दुर्गा मंदिर में स्थापित मां दुर्गा, बांग्ला स्कूल व रेलवे कॉलोनी व गोशाला परिसर स्थित मां दुर्गा के प्रतिमा का विसर्जन किया गया. इस दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न भावों के साथ मां को विदाई दी. वहीं भक्तों ने माता के अगले बरस जल्दी आने की कामना की. इस अवसर पर विभिन्न जगहों पर माता दुर्गा की प्रतिमा को भव्य रूप से सजा कर विर्सजन किया गया. श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में माता दुर्गा की पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगी. रेलवे कॉलोनी में पुतला दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मौके पर विशालकाय रावण का पुतला जला कर बुराई पर अच्छाई के जीत का संदेश दिया गया. वहीं बड़ी दुर्गा स्थान, बंगाली स्थान, गोशाला परिसर, स्टेशन रोड सहित ग्रामीण इलाकों में भी दुर्गापूजा धूमधाम से संपन्न हो गया. इस अवसर पर जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां लोगों ने कार्यक्रमों का जमकर आनंद उठाया.उदाकिशुनगंज प्रतिनिधि के अनुसार उदाकिशुनगंज अनुमंडल सहित विभिन्न जगहों पर शांति पूर्वक दुर्गा पूजा संपन्न हो गया. वहीं नयानगर भगवती मंदिर में भी भक्तों ने आस्था और विश्वास के साथ पूजा की. इधर मेले के अंतिम दिन गुरूवार को माता के प्रतिमा का विसर्जन किया गया. गम्हरिया प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड के कौरहियार तरावे, बभनी, एकपहरा एवं गम्हरिया बाजार में हर्षोल्लास पूर्वक दुर्गा पूजा संपन्न हो गया. इस दौरान सभी जगहों पर मेला का आयोजन किया गया. वहीं गम्हरिया बाजार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान अध्यक्ष मनोहर भगत, विनोद प्रसाद, उदय भगत, नरेंद्र साह, मो मुन्ना, मो इमरान, मनोज भगत, राजा गुप्ता, संजय भगत, कुंटूश भगत, ब्रहमदेव भगत, सिटटू भगत, सुजित कुमार, सिंटू कुमार, गोविंद कुमार, राजा गुप्ता, आनंद कुमार, अरविंद प्रभाकर, प्रमोद भगत, राजेश भगत, मंटून भगत शामिल था. शंकरपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर धूम धाम से दुर्गा पूजा मनाया गया. इस दौरान कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. बिहारीगंज प्रतिनधि के अनुसार प्रखंड क्षेत्र में दशहरा पूजा धूम धाम से मनाया गया. इस मौके पर विभिन्न जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुख्यालय में बड़ी दुर्गा स्थान, रेलवे दुर्गा मंदिर, बेलाड़ी दुर्गा मंदिर में मूर्ति विसर्जन के साथ ही दुर्गा पूजा संपन्न हुआ. घैलाढ़ प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड मुख्यालय सहित प्रखंड क्षेत्र में दुर्गा पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर भव्य मेला आयोजन किया गया एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित की गयी. चौसा प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में असत्य पर सत्य का प्रतीक विजयादशमी बड़े ही धूम-धाम एवं हषार्ेउल्लास से मनाया गया. प्रखंड के फुलौत, कलासन, लौवालगान, अरजपुर, भिखा टोला, चिरोरी आदि स्थानों के दुर्गा प्रतिमा एवं कलश विसर्जन की गयी. इस अवसर पर शुक्रवार को रावण वध कार्यक्रम किया गया. ग्वालपाड़ा प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड क्षेत्र में आयोजित विजयादशमी का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. इस अवसर पर विभिन्न जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रखंड के चतरा, डेफरा, झिटकिया, शाहपुर में दस दिनों का चल रहे पूजा पाठ का समापन गुरुवार को प्रतिमा विसर्जन के साथ हो गया. वहीं शाहपुर दुर्गामंदिर परिसर में भक्तों के द्वारा दो हजार पाठा एवं दो दर्जन से अधिक भैंसों की बली दी गयी. आकर्षण का केंद्र रहा सार्वजनिक बड़ी दुर्गा मंदिर मुरलीगंज . प्रखंड क्षेत्र के कई स्थानों पर आदिशक्ति मां दुर्गा की पूजा अर्चना शांति पूर्ण वातावरण मे मनाया गया. प्रखंड भर के दुर्गा मंदिरों में मुरलीगंज सार्वजनिक दुर्गा मंदिर एवं प्रतिमा लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बिंदु बना रहा. यहां काफी संख्या में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी रही. मेला मे मरवाड़ी युवा मंच के कार्यकर्ताओं ने स्टॉल लगाकर मेला में आये लोगों को सर्बत, गुलकोज पानी एवं आरती संग्रह किताब भी बांटे. वही जयरामपुर युवक संघ के द्वारा जूते-चप्पल रखने का स्टॉल लगाया गया. जिससे मेला मे जूते-चप्पल चोरी होने का डर लोगों मे नहीं रहा. लोगों का कहना है कि आचार संहिता को लेकर दुर्गा पूजा थोड़ी फिकी पर गई. प्रखंड भर मे रेलवे स्टेशन, गोलबाजार राम जानकी ठाकुरबाड़ी, कोल्हापट्टी, भेलाही, दिग्घी, परमानपुर, रामपुर, मीरागढ एवं जीतापुऱ में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के साथ ही शांतिपूर्ण माहौल में पूजा का समापन हुआ. वहीं दूसरी ओर जीतापुर में सार्वजनिक दुर्गापूजा मंदिर भतखोरा बाजार, बुधमा, कटहरवा, बेलोपूबर, तमौट परसा, नरहा, गोढैला, नवटोल में धूम – धाम से पूजा मनाया गया. मूर्ति विसर्जन के साथ ही शांतिपूर्ण माहौल में पूजा संपन्न हुआ. बच्चों ने रामलीला का किया आयोजन पुरैनी . पुरैनी प्रखंड अंतर्गत दशहरा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. प्रखंड अंतर्गत औराय पंचायत के पूर्वी खेरहो स्थित मां भगवती मानस कामना मंदिर के परिसर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विजयादशमी की संध्या में 52 फीट उंची व विशालकाय रावण का वध स्थानीय विनोद शर्मा की देखरेख में नन्हें मुन्ने कलाकारों द्वारा रामलीला का आयोजन कर किया गया. मेला कमिटि द्वारा 52 फीट उंची व विशालकाय रावण के पुतले का निर्माण कराया गया था. इस मौके पर क्षेत्र के सैकड़ो लोगों की भीड़ रावण वध के दृष्य को देखने उक्त मंदिर परिसर पहंुची. वहीं उक्त कार्यक्रम को सफल एवं शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने में मेला कमेटी के सदस्यों के साथ साथ ग्रामीणों का भी काफी अहम योगदान रहा. सिंहेश्वर में सुरक्षा की रही चाक चौबंद व्यवस्था प्रतिनिधि, मधेपुरा सिंहेश्वर मंदिर परिसर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा एवं सार्वजनिक दुर्गा मंदिर से मां दुर्गा का विसर्जन किया गया. इस अवसर पर सिंहेश्वर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मेला में हर प्रकार के दुकानों में खरीदारों का जमघट लगा रहा. मेले के दौरान सड़कों पर तील रखने की जगह नहीं थी. हालांकि सिंहेश्वर पुलिस थानाध्यक्ष राजेश कुमार के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले रखा. मेले में किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली. मेला परिसर में सीआरपी के अलावा बिहार पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था. वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा में महिला पुलिस को लगाया गया था. सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के द्वारा बनाये गये हनुमान सहित विभिन्न देवी देवताओं के अलावा एक से बढ़ कर एक कार्टून आकर्षण का केंद्र बिंदु बना रहा.इससे पहले करीब संध्या सात बजे मंदिर परिसर से माता का विसर्जन निकाला गया. इस दौरान सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य धर्म नारायण ठाकुर, सुधीर ठाकुर, सरोज सिंह, व्यवस्थापक महेश्वर सिंह, मनोज ठाकुर, बाल किशोर यादव, अमरनाथ ठाकुर, गणेश ठाकुर, कलानंद ठाकुर, सुबोध ठाकुर, सुमन ठाकुर सहित अन्य मौजूद थे. वहीं सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में गुरूवार की देर शाम माता का विसर्जन किया गया. विसर्जन के मौके पर व्यापार संघ के संरक्षक हरि प्रसाद टेकरीवाल, संरक्षक बच्चा झा, अध्यक्ष विजय टेकरीवाल, पूर्व जिप सदस्य दिनेश कुमार यादव, सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति सिंहेश्वर के अध्यक्ष विश्वम्भर स्वर्णकार, उपाध्यक्ष शंकर अग्रवाल, महासचिव राजेश कुमार झा, संगठन सचिव इंद्रदेव स्वर्णकार, सचिव शंकर चौधरी, कोषाध्यक्ष अशोक भगत, दिलीप खंडेवाल, विवेक कुमार, गणेश गुप्ता, अरूण खंडेवाल, भरत अग्रवाल, विष्णु खंडेवाल, खगेश यादव, बादल कुमार, पंकज स्वर्णकार, राजेश कुमार, कुंदन कुमार, संतोष कुमार, नवीन कुमार, संतोष मोदी, सहित हजारों की संख्या में माता के भक्त शामिल थे. पटोरी व सिरसिया में अहिंसा पर आस्था भारी दुर्गा पूजा : सिरसिया में मां के भक्तों की लगी है लंबी कतार- पूजा आयोजन को लेकर भक्तों का अगला नंबर 2026 ई में आयेगा. प्रतिनिधि, मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर प्रखंड स्थित सिरसिया में माता दुर्गा की महिमा निराली है. दुर्गा पूजा के मौके पर नवमी के दिन पटोरी व सिरसिया में अहिंसा पर आस्था भारी पड़ी. यहां माता के दरबार में मन्नतें पूरी होने पर भक्तों ने छाग की बलि दी. सिरसिया व पटोरी इन दोनों जगहों पर हजारों की संख्या में छाग की बली दी गयी. वहीं पटोरी व सिरसिया में माता के दरबार को भव्य रूप से सजाया गया था. सिरसिया में पूजा आयोजन को लेकर भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है. आस्था व विश्वास है कि माता के दरबार में सच्चे दिल से मांगी गयी हर मुरादें पूरी होती है. माता के मंदिर में सप्तमी के मौके पर विधिवत रूप से निशा पूजा का आयोजन किया जाता है. सिरसिया दुर्गा मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां पूजा आयोजन को लेकर 2025 तक भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है. पूजा आयोजन को लेकर भक्तों का अगला नंबर 2026 ई में आयेगा. 1972 से हो रही है मां की अराधना सिंहेश्वर-पीपरा रोड में स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति सिरसिया के अध्यक्ष व सचिव ने बताया कि सन् 1972 में स्थानीय प्रभुनाथ सिंह को माता ने स्वप्न दिया था. इसके बाद स्व. प्रभुनाथ सिंह एवं ग्रामीणों देख रेख में यहां मां भगवती की पूजा अराधना शुरू की गयी.सबसे पहले सिरसिया में झोपड़ीनूमा घर बना कर माता को स्थापित किया गया था. धीरे-धीरे ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का निर्माण कराया गया. सन् 1972 से वर्तमान समय तक यहां कलश स्थापना के साथ ही भव्य मेले का आयोजन किया जाता है. वहीं सिरसिया मंदिर मां अंबे की विशाल प्रतिमा स्थापित कर विधि विधान एवं नियम निष्ठा के साथ पूजा अर्चना की जाती है. बली प्रथा है कायम सिरसिया सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के उपाध्यक्ष ने कहा कि माता के दरबार में स्थापना काल से ही बली की प्रथा कायम है. यहां भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने पर नवमी को माता के सामने छाग की बली दी जाती है. छाग के बली से माता प्रसन्न होती है भक्तों और मनोकामना को पूर्ण करती है. नशा पूजा के दिन भक्त निष्ठा पूर्वक शरीक होकर रतजगा कर पूजा अर्चना करते है. सात दिवसीय सतसंग का आयोजन पंचायत के मुखिया अशोक तिवारी व जिला परिषद सदस्य उपेंद्र राम ने बताया कि यहां वर्षों से मनोकामना पूर्ण होने पर भक्तों के द्वारा प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है. इस वर्ष पूजा व मेला के आयोजन में करीब दो लाख का खर्च आया. दुर्गा पूजा के मौके पर सात दिवसीय सतसंग व रामायण पाठ का आयोजन किया गया था. वहीं नवमी व दशमी को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसके अलावे मंदिर परिसर सुबह व शाम रामायण पाठ की कराया जा रहा है. दुर्गा पूजा के मौके पर लगता है भव्य मेला सिरसिया में विजया दश्मी के मौके पर भव्य मेले का आयोजन किया गया. सबसे खास बात यह है कि यहां कलश स्थापना के साथ ही मेला प्रारंभ हो जाता है. मेला में सजी विभिन्न परिधानों की दुकानों में महिलाओं ने जम कर खरीदारी की. वहीं बच्चों के खिलौने की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी. कहा जाता है सिरसिया में मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं में काफी श्रद्धा है. जो लोग सच्चे दिल से मां की अराधना करते है मां उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूरी करती है.

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