प्रखंड में मनायी जा रही धूमधाम से दुर्गा पूजा फोटो – मधेपुरा 13, 14 कैप्शन – ग्वालपाड़ा मंदिर में खुला मां का पट, बिहारीगंज प्रखंड के मंदिर में खुला पट प्रतिनिधि, ग्वालपाड़ाप्रखंड क्षेत्र के डेफरा, कलौतहा, चतरा, शाहपुर में दुर्गापूजा धूम धाम मनाये जाने से प्रखंड क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है. ग्वालपाड़ा प्रखंड मुख्यालय से लगभग दो किमी की दूरी पर शाहपुर में मां भगवती का पट पूजा अर्चना के लिए खोल दिया गया है. किंवदंती के अनुसार मां यहां आने वाले भक्तों की मन्नतें पूरा करती हैं. यहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता है. सैकड़ों वर्ष पूर्व शाहपुर के ग्रामीण बिहारीगंज प्रखंड मोहनपुर में मां दुर्गा की पूजा अर्चना करते थे. कालांतर में कोसी नदी के कारण वहां पहंुचने में परेशानी होने लगी. गंधवरिया परिवार ने माता से पान प्राप्त कर शाहपुर गांव में मां की पूजा कर दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की. यहां की दुर्गा आस्था का प्रतीक एवं मन्नतें पूरा करने वाली मैया के नाम से विख्यात हुई. दस दिनों से पूजा अर्चना होने से वातावरण भक्तिमय बना रहता है. ढोल मंजीरा के साथ बेली कुम्हार को निमंत्रण दिये जाने के बाद मां भगवती डोली पर लाने की प्रथा यहां के लिए अति प्राचीण है. ग्रामीण कलाकार दीपक सिंह द्वारा निर्मित प्रतिमा में पंडित लीलाकांत झा के वैदिक मंत्रोच्चार से प्राण प्रतिष्ठा अर्पित की जाती है. इस गांव में अष्टमी व नवमीं तिथि को लगभग पांच हजार छाग की बलि दी जाती है एवं 20 भैंसे की भी बलि दी जाती है. माता के दरबार में ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों द्वारा सालों भर संध्या में आरती एवं भजन का आयोजन किया जाता है. इस अवसर पर चार दिनों तक मेला का आयोजन भी किया जाता है. सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है. पूजा समिति के अध्यक्ष अनंत प्रसाद सिंह, नाट्य समिति के सीएन सिंह, ग्रामीण शंभु सिंह, बुदूर सिंह आदि बताते है कि आदर्श आचार संहिता के असर से युवा वर्गों के उत्साह में थोड़ी कमी देखी जा रही है. लेकिन पूजा अर्चना में इसका कोई असर नहीं है. नवपत्रिका मां महागौरी की पूजा-अर्चना की गयी फोटो – मधेपुरा – 12कैप्शन – आलमनगर में नवपत्रिका से बनी मां दुर्गा की प्रतिमा प्रतिनिधि, आलमनगरप्रखंड क्षेत्र में दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है. प्रखंड क्षेत्र के कई गांव में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. वहीं आलमनगर स्थित ड्योढ़ी में नवपत्रिका मां दुर्गा की पूजा की गयी. यहां लगभग दो सौ साल पूर्व से ही मां दुर्गा की पूजा उग्रचंडा विधि से की जाती है. राज परिवार के सदस्य हर वर्ष विधि -विधान से मां दुर्गा की पूजा अर्चना करते हैं. इस दौरान सोमवार को बेल में निमंत्रण दिया गया एवं मंगलवार को गाजे – बाजे के साथ बेल कटी कर नव पत्रिका का विधि-विधान से मां दुर्गा की स्थापना कर प्राण प्रतिष्ठा दिया गया. इस दौरान पूजा पर बैठे राज परिवार के सदस्य सर्वेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि मां दुर्गा का चांदी के बने अनोखी सिंहासन पर विराजमान कर प्राण-प्रतिष्ठा देकर उग्र चंडा विधि से पूजा की जा रही है. साथ ही मंगलवार की रात्रि अनेकों तरह व्यंजनों का भोग के साथ-साथ निशा बलि दी जायेगी. नवमी को मां ने जिन श्रद्धालुों की मुराद पुरी की हैं, वे बलि देते हैं. दशमी को जतरा निकालकर भगवती को विदा किया जाता है. वहीं अष्टमी पूजा की रात विशेष रूप से शस्त्र का पूजा की जाती है. मंदिर में मां दुर्गा की प्राण-प्रतिष्ठा पड़ते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. वही प्रखंड क्षेत्र के सोनामुखी, बसनवाड़ा, करूआ मोड़ सहित अन्य जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है. वहीं मेला का आयोजन किया गया है. प्रशासन द्वारा सुरक्षा का पुख्ता व्यवस्था की गई है. घैलाढ़ में भी माहौल भक्तिमयघैलाढ़ . प्रखंड क्षेत्र दुर्गा पूजा की तैयारी पूरी कर ली गई है. घैलाढ़ बाजार स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में देवी दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा सज धज कर तैयार हो गई है. मंदिर परिसर में भव्य पंडाल लगा कर कलाकारों द्वारा आकर्षक ढंग से सजाया गया है. जहां पूजा अर्चना के सुबह से देर शाम तक श्रधालुओं की भीड़ उमड़ रही है. दुर्गा पूजा के अष्टमी के पाठ से माहौल भक्तिमय बना हुआ है.
प्रखंड में मनायी जा रही धूमधाम से दुर्गा पूजा
प्रखंड में मनायी जा रही धूमधाम से दुर्गा पूजा फोटो – मधेपुरा 13, 14 कैप्शन – ग्वालपाड़ा मंदिर में खुला मां का पट, बिहारीगंज प्रखंड के मंदिर में खुला पट प्रतिनिधि, ग्वालपाड़ाप्रखंड क्षेत्र के डेफरा, कलौतहा, चतरा, शाहपुर में दुर्गापूजा धूम धाम मनाये जाने से प्रखंड क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है. ग्वालपाड़ा प्रखंड […]
