दुर्गा पूजा: आस्था के उमंग पर हो रहा चुनाव का असर

दुर्गा पूजा: आस्था के उमंग पर हो रहा चुनाव का असर फोटो- मधेपुरा 9 एवं 10कैप्शन- शहर के बड़ी दुर्गा मंदिर स्थित पूजा पंडाल में माता की अराधना करते श्रद्धालु फोटो- मधेपुरा 11कैप्शन- बाजार में सजी माता की चुनरी की दुकानफोटो- मधेपुरा 12कैप्शन- गोशाला परिसर में बना भव्य पूजा पंडाल – पूजा के छठे दिन […]

दुर्गा पूजा: आस्था के उमंग पर हो रहा चुनाव का असर फोटो- मधेपुरा 9 एवं 10कैप्शन- शहर के बड़ी दुर्गा मंदिर स्थित पूजा पंडाल में माता की अराधना करते श्रद्धालु फोटो- मधेपुरा 11कैप्शन- बाजार में सजी माता की चुनरी की दुकानफोटो- मधेपुरा 12कैप्शन- गोशाला परिसर में बना भव्य पूजा पंडाल – पूजा के छठे दिन भी अपेक्षाकृत बाजार की नहीं लौटी रौनक प्रतिनिधि, मधेपुराजिला मुख्यालय स्थित विभिन्न दुर्गा मंदिरों में रविवार को माता के कात्यायनी स्वरूप की पूजा श्रद्धा भाव से की गयी. इस महापर्व को लेकर जिले भर में मां के मंदिर सज-धज कर तैयार हो गये है़ं विभिन्न जगहों के कलाकारों द्वारा माता की प्रतिमाओं को आकर्षक रूप दिया जा रहा है़ माता के मंदिर श्रद्धधालुओं से पट चुका है़ अष्टमी के मौके पर विभिन्न जगहों पर मेला प्रारंभ होनी हैं. उधर, दुर्गा पूजा को लेकर मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ रहा हैं. रविवार को सिंहेश्वर मंदिर में करीब तीस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की. वहीं शहर के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. लेकिन इस वर्ष आस्था के उमंग पर चुनाव का असर होता दिख रहा है. मंदिरों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन पूजा के छठे दिन भी अपेक्षाकृत बाजार की रौनकता नहीं लौटी है. मंदिर की भीड़ बाजार में तब्दील नहीं होते दिख रही है. इसकी मुख्य वजह चुनाव को माना जा रहा है. चुनाव पूर्व तैयारी के तहत पचास से अधिक की राशि लाने व ले जाने पर प्रशासनिक हस्तक्षेप ने लोगों को सकते में डाल दिया है. हालांकि, चुनाव आयोग के निर्देशानुसार इतनी सख्ती बरतनी तो प्रशासन की मजबूरी बन गयी है. लेकिन इसका प्रतिकुल असर दुर्गा पूजा के बाजार पर हो रहा है. – पूजा पंडालों पर इस वर्ष लाखों का खर्च -शहर के विभिन्न जगहों पर पूजा पंडालों में इस वर्ष लाखों के खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा हैं. जिसमें सबसे अधिक खर्च बंग्ला स्कूल स्थित पूजा पंडाल एवं बड़ी दुर्गा मंदिर के पूजा पंडाल में हो रही हैं. बंग्ला स्कूल दुर्गा पूजा समिति के सक्रिय सदस्य इंद्रनील घोष ने बताया कि पूजा पंडाल व मूर्ति निर्माण में करीब छह लाख का खर्च आता हैं. वहीं करीब दो लाख रूपया का खर्च माता के पूजा व प्रसाद में होता हैं. इसके अलावा अन्य खर्च भी होती हैं. बड़ी दुर्गा पूजा समिति के सदस्य राजेश कुमार ने कहा कि इस वर्ष खर्च कुछ अधिक होनी है. उन्होंने बताया कि पूजा पंडाल, पूजा प्रसाद व माता जागरण में करीब पांच लाख खर्च आना हैं. वहीं सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति रेलवे कॉलोनी भीरखी के अध्यक्ष कन्हैया पासवान ने बताया कि चार से पांच लाख रूपया का खर्च इस वर्ष पूजा के दौरान आयेगा. सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति गोशाला परिसर के व्यवस्थापक रामाधीन यादव ने कहा कि माता के पूजा अराधना व पूजा पंडाल में करीब दो से तीन लाख का खर्च होगा. – लाखों खर्च के बाद भी बाजार का रंग फीका हर साल की भांति इस वर्ष पूजा पंडालों में श्रद्धा भाव से माता की पूजा अर्चना की जा रही हैं. पूजा पर लाखों खर्च होने जा रहा है. लेकिन पूजा समितियों के कड़ी मेहनत व लाखों खर्च के बावजूद बाजार का रंग फीका लग रहा हैं. चुनाव पूर्व तैयारी के तहत प्रशासन द्वारा बरती जा रही सख्ती पूजा समितियों के मेहनत पर पानी फेर रहा हैं. पूजा पंडालों में माता का जयकारा लगा कर भक्त सीधे घर की और लौट रहें है. दुर्गा पूजा के दौरान विगत वर्षों में चार से पांच पूजा होते होते बाजार की दुकानों में खरीददारों की भीड़ उमड़ने लगती थी. लेकिन इस वर्ष कपड़ों के शोरूम व दुकानों में दुकानदार ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं. प्रशासन की सख्ती से व्यवसायी के साथ-साथ आम लोग सहमे हुए हैं. व्यवसायी भी पचास हजार से अधिक की राशि का आपस में अदान प्रदान करने में भय खा रहे है. वहीं आम आदमी अधिक राशि लेकर बाजार नहीं निकल रहे है. वहीं चुनाव को लेकर दूर दराज के इलाके से लोग आवागमन की असुविधा होने से बाजार नहीं आ रहे हैं. खास कर वाहन चेकिंग से भयभीत लोग बाजार की बजाय घर बैठे ही इस वर्ष पूजा मना रहे हैं. -शिक्षकों को लगा है वेतन का टोटा पूजा पर मंदी का असर चुनाव के अलावा अन्य कारणों से हो रही है. जिसमें सबसे कारण शिक्षकों के वेतन को माना जा रहा है. विगत पांच व छह माह से शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है. जिसका सीधा असर दुर्गा पूजा प र हो रहा है. शिक्षकों की माने तो वेतन के बिना खरीदारी कैसे होगी. हालांकि एक शिक्षक प्रतिनिधि ने बताया कि जिन शिक्षकों का सर्विस बुक जमा हो चुका है, उनका वेतन निर्गत किया जा चुका है. लेकिन जिन शिक्षकों का सर्विस बुक जमा नहीं हो पाया उन्हें वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा हैं. हालांकि वेतन निर्गत होने के बावजूद कई शिक्षकों के खाता में अब तक रूपया ट्रांसफर नहीं पाया हैं. – दुकानदारों के चेहरे पर छायी मायूसी दुर्गा पूजा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए छोटे बड़े सभी दुकानदारों ने पूजा की तैयारी जोर शोर से की थी. दुकानों में लाखों की लागत लगा कर अधिक से अधिक रेंज ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराया गया हैं. लेकिन खरीदार दुकानों में नजर नहीं आ रहे है. जिसके कारण दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी देखी जा रही हैं. हालांकि युवा वर्ग की खरीदारी शुरू हो गयी हैं. पूजा के दौरान अगर बाजार की रौनक नहीं लौटी तो इस वर्ष दुकानदारों को लाखों का नुकसान हो सकता हैं. —- इनसेट —–आज बेल नोती, कल बेल तोड़ीजिले के सिंहेश्वर बाजार में दो जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर श्रद्धा पूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है. सुप्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर स्थित दुर्गा मंदिर व दुर्गा चौक स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में धूम धाम से नवरात्रा मनाया जाता हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार सिंहेश्वर में माता के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर वर्षों से बेल नोती व बेल तोड़ी का रस्म अदा किया जाता है. इस दौरान शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती हैं. जिसमें हजारों की संख्या में माता के भक्त शामिल होते हैं. सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति सिंहेश्वर के सक्रिय सदस्य सह प्रसिद्ध व्यवसायी दिलीप खंडेवाल ने बताया कि सोमवार को बेल नोती की रस्म अदा की जायेगी. वहीं मंगलवार की सुबह भव्य शोभा यात्रा के साथ बेल तोड़ी की जायेगी. उन्होंने बताया कि महा अष्टमी के मौके पर महा प्रसाद का आयोजन किया जायेगा. इस अवसर पर माता को बावन भोग का महा प्रसाद चढ़ाया जायेगा. दिलीप खंडेवाल ने बताया कि पूजा समिति द्वारा सभी तैयारी पूरी कर ली गयी हैं. इस वर्ष पूजा पंडाल के अलावा पूजा प्रसाद में करीब तीन लाख का खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा हैं. उधर, जिला मुख्यालय में चार जगहों पर मांग दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जा रही हैं. मुख्य बाजार स्थित पुरानी दुर्गा मंदिर में वर्षों से नगरवासियों के द्वारा वैदिक रीति रिवाज के अनुसार मां जगदंबा की अराधना की जाती है. वहीं बांग्ला स्कूल परिसर में सदियों से मां दुर्गा की पूजा बंगाली प्रद्धति के अनुसार होती है. वहीं रेलवे कॉलनी परिसर में मंदिर की छटा देखने योग्य है. लोग बाग बताते है कि मां की अराधना करने प्रत्येक वर्ष दशहरा के मौके पर सात समुंदर पार बसे श्रद्धालु का भी शहर में आवागमन होता है. वहीं गोशाला चौक स्थित दुर्गा मंदिर में पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. माता के दरबार में भक्तों ने लगायी हाजिरी जिले के सिंहेश्वर बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में माता के भक्त अनोखे रूप से माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं. सिंहेश्वर मंदिर परिसर स्थित शिव गंगा में डुबकी लगा कर हजारों की संख्या में दंड प्रमाण देते हुए माता के दरबार में माथा टेकते हैं. दुर्गा पूजा को लेकर सिंहेश्वर मंदिर में दंड प्रमाण देने भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. रविवार को करीब तीन हजार श्रद्धालुओं ने दंड प्रमाण देकर माता की अराधना की. इस दौरान सिंहेश्वर मंदिर में बचपन से पचपन वर्ष के भक्तों में दंड प्रमाण देने की होड़ लगी रही. रविवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु उत्साह के साथ बाबा को दंड प्रमाण दे रहे थे. ऐसी मान्यता हैं कि दंड प्रमाण देने वाले भक्तों की बाबा सभी मुरादे पूरी करते है. मंदिर परिसर स्थित शिव गंगा में भक्त डुबकी लगा कर दंड प्रमाण देते हुए बाबा मंदिर तक जाते है. इसके बाद पूजा अर्चना कर पुन: भक्त बाबा मंदिर से दुर्गा चौक स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर तक दंड प्रणामी देते है. हालांकि अधिकांश भक्त मंदिर परिसर स्थित मैया के मंदिर तक दंड प्रणामी देते हुए दुर्गा मंदिर तक पहुंचते हैं. दुर्गा पूजा के मौके पर सिंहेश्वर बाजार स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा मंदिर के अलावा मंदिर परिसर में सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति की ओर से बड़े धूम-धाम के साथ माता की पूजा आराधना की जाती है. —- इनसेट —-छह पूजा के बाद भी बाजार में नहीं लौटी रौनक मधेपुरा. शहर में दुर्गा पूजा को लेकर पूजा पंडालों में चहलकदमी बढ गयी है. वहीं पूजा समाग्रियों की दुकानों पर खरीददारों की भीड़ उमड़ने लगी है. जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों का माहौल भक्तिमय बन गया हैं. शहर की सड़कें जय माता दी की जयकारों से गूंज रही हैं. खास कर जिले के विभिन्न मंदिरों में माता के भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही हैं. वहीं सिंहेश्वर मंदिर में इन दिनों पूजा अर्चना करने हजारों की संख्या में भक्त पहुंच रहें है. लेकिन इस वर्ष कलश स्थापना के बाद से अब तक बाजार में रौनक नहीं देखी जा रही हैं. रविवार को बाजार का रंगत पुरी तरह फीका रहा. हालांकि सोमवार से बाजार की रौनक लौटने का अनुमान लगाया जा रहा हैं. लेकिन दुकानदारों में इस बात को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई हैं. कपड़ा व्यवसायी पंकज कुमार ने बताया कि हर वर्ष कलश स्थापना के साथ ही बाजार में खरीदरों की भीड़ उमड़ने लगती थी. लेकिन इस वर्ष अब तक ऐसा नहीं देखा जा रहा हैं. पूजा के शुरुआत से ही बाजार में मंदी का दौर चल रहा है, इसमें सुधार होने की उम्मीद लगभग क्षीण हो गयी हैं. कपड़ा व्यवसायी ने बताया कि पूजा को लेकर एक से बढ कर एक लेटेस्ट डिजाईनों के जिंस पेंट, शर्ट, टी-शर्ट का रेंज उपलब्ध कराया गया. उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए बंबई वाला शर्ट, चाइनीज कॉलर, टोपी शर्ट के अलावे क्रास पैकेट पेंट व बैलून पेंट अधिकाधिक संख्या में मंगायी गयी हैं. वहीं लड़कियों के लिए अनारकली ड्रेस, जिंस-टॉप, सलवार-सूट, लेगीज-कुर्ती का व्यापक रेंज उपलब्ध हैं. इसके बावजूद खरीदार दुकान तक नहीं पहुंच रहे हैं. हालांकि बच्चों के लिए जिंस-शर्ट एवं पेंट-शर्ट, बंडी की मांग अधिक देखी जा रही है. शहर में नन ब्रांडेड कंपनी के कम कीमत में बेहतर रेंज उपलब्ध रहने के कारण लोग खरीदारी रक रहे है. खासकर नन ब्रांडेड कंपनी में लेडीज व बच्चों के कपड़ों का सेल है. खरीददारों का मानना है कि ब्रांडेड कंपनी का एक सेट के बराबर नन ब्रांडेड कंपनी का चार सेट कपड़ा हो जाता है. दुर्गा पूजा को लेकर खास कर पूजा सामग्रियों की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही हैं. जिसमें महिला खरीदारों की संख्या काफी रहती हैं.

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