शहर में न एटीएम सुरक्षित, न आवाम

जिला मुख्यालय में विभिन्न बैंकों के करीब दो दर्जन से अधिक एटीएम सेंटर संचालित हैं. लेकिन, दो तीन सेंटरों को छोड़, किसी भी सेंटर पर रात में गार्ड तैनात नहीं रहते हैं. बिना गार्ड के ये सभी एटीएम 24 घंटे खुले रहते हैं. नतीजतन, इन एटीएम में रखे लोगों के पसीने की कमाई असुरक्षित तो […]

जिला मुख्यालय में विभिन्न बैंकों के करीब दो दर्जन से अधिक एटीएम सेंटर संचालित हैं. लेकिन, दो तीन सेंटरों को छोड़, किसी भी सेंटर पर रात में गार्ड तैनात नहीं रहते हैं.

बिना गार्ड के ये सभी एटीएम 24 घंटे खुले रहते हैं. नतीजतन, इन एटीएम में रखे लोगों के पसीने की कमाई असुरक्षित तो है ही, यहां पैसा निकालने वाले भी खतरे से बाहर नहीं हैं.

मधेपुरा : साइबर क्राइम की घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बावजूद जिला मुख्यालय में बैक प्रबंधन एटीएम केंद्रों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है. ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय में विभिन्न बैंकों के करीब दो दर्जन से अधिक एटीएम सेंटर संचालित हैं. लेकिन, दो तीन केंद्रों को छोड़, किसी भी केंद्र पर रात में गार्ड तैनात नहीं रहते हैं.

बिना गार्ड के ये सभी एटीएम 24 घंटे खुले रहते हैं. इस कारण इन एटीएम की सुरक्षा गंभीर समस्या बनी है. और तो और इन एटीएम मशीन में लगे सीसीटीवी कैमरा भी घटिया क्वालिटी के रहने के कारण किसी घटना के बाद वीडियो फुटेज निकालना भी मुश्किल होता है. बैंक प्रबंधन की इस लापरवाही के कारण आम उपभोक्ता लगातार लूट के शिकार बन रहे हैं.

गार्ड तैनात रहते, तो नहीं होती घटना

एटीएम केंद्रों पर अगर गार्ड तैनात रहते तो साइबर क्राइम की घटना और कार्ड बदलने की घटना पर हद तक लगाम लगायी जा सकती थी.

चौथम पीएचसी बना रेफर केंद्र

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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