पुरैनीलंबे : अरसे से मंत्री नरेंद्र नारायण यादव के करीबी रहे व पुरैनी प्रखंड के प्रमुख जयप्रकाश सिंह आज तीसरा मोरचा के जन अधिकार पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे.
इस आशय की जानकारी देते हुए प्रमुख श्री सिंह ने कहा कि वे मंत्री जी के 1995 के राजनीति जीवन के शुरुआत से ही हर विधानसभा चुनाव के वक्त उंची पदों पर आसीन होने के प्रलोभन में बार-बार छले गये हैं. इस बार भी उन्हें पार्टी आला कमान द्वारा बिहारीगंज से टिकट देने का आश्वासन उन्हें दिया गया था .
बावजूद अंतिम समय में राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उन्हें टिकट से बेघर कर दिया गया और पार्टी आलाकमान द्वारा एक बार फिर से मंत्री जी के साथ रहकर पार्टी धर्म के निर्वहन करने की उन्हें लंबी नसीहत दी गयी.
इसे वे बरदास्त नहीं कर सके और उनके खिलाफ तीसरा मोरचा के जनअधिकार पार्टी, जो की स्थानीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की पार्टी है, उसके टिकट पर मंत्री नरेंद्र नारायण यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने को मजबूर हो गये.
प्रखंड प्रमुख जयप्रकाश सिंह का राजनीतिक सफरनामा 1974 के जेपी आंदोलन से ही छात्र जीवन को त्यागकर सक्रिय राजनीति में शामिल हो गये. 1978 में व सरपंच चुने गये उसके बाद 1990 में आलमनगर के विधायक चुने गये.
विरेंद्र कुमार सिंह के मंत्री बनने पर 4 वर्षों यानी 1995 तक वे उनके आप्त सचिव रहे. फिर पंचायत चुनाव 2001 में ग्राम पंचायत कुरसंडी के मुखिया बने. जिसमें उन्होनें पंचायत में अपनी जाति के मात्र 50 वोटर रहने के बावजूद अपने निकतम प्रत्याशी युगलकिशोर यादव को 530 वोट से हराया.
उसके बाद पुन: 2006 के पंचायत चुनाव में उनके पंचायत में कुल दो पंचायत समिति पद क्षेत्र बनें जिसमें से उनका गृह क्षेत्र सीट रिर्जवड होने के कारण उन्हें पंचायत के ही दूसरे सीट से पंचायत समिति का चुनाव लड़ना पड़ा और वे पंचायत समिति मे जीत हासिल की और फिर 2008 में प्रखंड प्रमुख चुने गये और तब से लेकर अबतक पुरैनी प्रखंड प्रमुख के पद पर आसीन हैं.
