अपने अंदर के रावण को जलाने की करें चेष्टा

अपने अंदर के रावण को जलाने की करें चेष्टा फोटो – मधेपुरा 12कैप्शन – — प्रजापति ब्रह्माकुमारी इश्वरीय विश्वविद्यालय परिसर में चैतन्य देवी दुर्गा का कलश स्थापना कर नवरात्रि व दशहरा का शुभारंभ किया गया — प्रतिनिधि, मधेपुरा स्थानीय प्रजापति ब्रह्माकुमारी इश्वरीय विश्व विद्यालय परिसर में चैतन्य देवी दुर्गा का कलश स्थापना कर नवरात्री और […]

अपने अंदर के रावण को जलाने की करें चेष्टा फोटो – मधेपुरा 12कैप्शन – — प्रजापति ब्रह्माकुमारी इश्वरीय विश्वविद्यालय परिसर में चैतन्य देवी दुर्गा का कलश स्थापना कर नवरात्रि व दशहरा का शुभारंभ किया गया — प्रतिनिधि, मधेपुरा स्थानीय प्रजापति ब्रह्माकुमारी इश्वरीय विश्व विद्यालय परिसर में चैतन्य देवी दुर्गा का कलश स्थापना कर नवरात्री और दशहरा का शुभारंभ किया गया. सेवा केंद्र की प्रभारी ब्रम्हा कुमारी रंजु दीदी ने दशहरा पर्व के आध्यात्मिक रहस्य के बाबत बताते हुए कहा कि स्त्री और पुरूष के अंदर व्याप्त बुराईयों का प्रतीक और काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईश्या, दुख, हठ, नफरत ये सभी विकार रावण के सूचक है. मनुष्य को संसार में सबसे श्रेष्ठ प्राणी माना गया है. लेकिन इन बुराईयों के कारण मनुष्य संस्कार आसुरी हो गये है. इसका प्रतीक दशनन है. जिसे हम प्रतिवर्ष जलाते है. लेकिन इसके गहराई में जाने का प्रयास नहीं करते है. जिस दिन मनुष्य अपने अंदर की बुराइयों को जलाने के लिए तत्पर होगा उस दिन नर नारायण बन जायेंगे और नारी लक्ष्मी नारायण स्वरूपा बन जायेगी. कार्यक्रम का संचालन ब्रम्ह कुमार किशोर भाई ने किया. मौके पर विनय वर्धन उर्फ खोखा यादव, दिनेश सर्राफ, ओम प्रकाश यादव, डा अनिल कुमार, एनके निराला, मुरली गुप्ता, बहन माला, पूजा, रंजीत सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे

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