मधेपुरा. बीएनएमयू में शनिवार को विजिलेंस की टीम के आने की खबर सुन कर पदाधिकारी व कर्मियों में हड़कंप रहा, लेकिन यह बात अफवाह साबित हुई. बताया जाता है कि दिन के 11 बजे बंगाल नंबर की गाड़ी विवि मुख्य द्वार के अंदर प्रवेश की, जिस पर पुलिस लिखी हुई थी. गाड़ी पर बैठे कुछ लोग उतर कर विवि का आधे घंटे तक मुआयना किया. फिर वे लोग चलते बने. इस दौरान विवि के अधिकृत व्यक्ति से वार्तालाप नहीं होने के कारण वे लोग कौन थे कहां से आये इसकी जानकारी किसी को नहीं हो सकी. हालांकि मई माह में विजिलेंस की जांच होने से विवि में तरह तरह की अफवाहें फैलती रहती है.उधर, विवि के पूर्व कुलपति डॉ अरुण कुमार के पटना में गिरफ्तारी होने से लोग सकते में है. विवि सूत्रों की माने तो प्राचार्य नियुक्ति घोटाले के 23 अभियुक्तों में बीएनएमयू के एक अधिकारी का नाम शामिल है. इन 23 अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस टीम लगातार छापेमारी कर रही है. शुक्रवार को पटना गया व अन्य स्थानों पर निगरानी ने छापेमारी की. हालांकि निगरानी प्राचार्य नियुक्ति घोटाले के मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता पायी.
बीएनएमयू में विजिलेंस की अफवाह से हड़कंप
मधेपुरा. बीएनएमयू में शनिवार को विजिलेंस की टीम के आने की खबर सुन कर पदाधिकारी व कर्मियों में हड़कंप रहा, लेकिन यह बात अफवाह साबित हुई. बताया जाता है कि दिन के 11 बजे बंगाल नंबर की गाड़ी विवि मुख्य द्वार के अंदर प्रवेश की, जिस पर पुलिस लिखी हुई थी. गाड़ी पर बैठे कुछ […]
