खीरा, तरबूज व बेल की हो रही अधिक बिक्री
मधेपुरा : जिले में गरमी ने लोगों को जलना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को दस बजे दिन से ही चल रही हल्की पूरबा हवा के झोंके मंद हो गये और उमस भरी गरमी ने लोगों को बेचैन कर दिया. सड़क पर निकलते ही सूर्य की ताप लोगों के शरीर को झुलसा रही थी. गरम हवा चलने के कारण लोग सड़क पर निकलना मुनासिब नहीं समझ रहे थे. शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री रहा. जिले में सोमवार से ही लू का प्रकोप जारी है. वहीं डॉक्टरों का मानना है कि दिन में तेज गरमी के कारण लू लग सकती है.
जूस की बिक्री बढ़ी
गरमी का असर बाजार में दिखने लगा है. कोल्ड ड्रिंक्स व जूस की बिक्री बढ़ गयी है. बस स्टैंड पर जूस की दुकान कर रहे मुकेश कुमार कहते हैं कि अगर इस तरह की गरमी रह गयी तो बाजार में फलों की किल्लत हो जायेगी और लोगों को जूस नहीं मिल पायेगा. जूस दुकानदार शंभु का कहना है कि गरमी बढ़ने से अच्छी खासी बिक्री हो रही है. पुरानी बाजार स्थित सुनील श्रृंगार के संचालक राकेश कुमार कहते हैं कि नजदीक में कॉलेज होने के कारण कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री परवान पर है.
पेय पद्धार्थ पर रखें पैनी नजर : ब्रांडेड कंपनियां सौ प्रतिशत शुद्ध प्रोडक्ट देने का दावा करती है, लेकिन बाजार में कई नकली कंपनी की पेय पदार्थ भी बिक रहे हैं. इस मामले में उपभोक्ता को भी पैनी नजर रखनी होगी साथ ही एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें.
गरमी चढ़ते ही पुराने स्टॉक के पेय पद्धार्थ की बिक्री शुरू हो जाती है, लेकिन इस दौरान पुराने स्टॉक के अधिकांश एक्सपयार पेय पद्धार्थ बाजार में बिकते है. जानकारों का मानना है कि एक्सपयार पेय पद्धार्थ लोगों के शरीर में मीठा जहर का काम करता है.
रोग ने दिया दस्तक : शुक्रवार को दस बजे दिन में ही आसमान से आग बरसने लगी. सुबह से चल रही हवा के झोंके आठ बजे के बाद मंद हो गयी और तापमान धीरे धीरे चढ़ने लगा.
गुरुवार को ही जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री हो गया था. इसी वजह से लोग दिन भर गरमी से बेचैन रहे. गरम हवा चलने के कारण दिन भर लोग घरों में दुबके रहे. उधर, जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल सहित विभिन्न प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गरमी के कारण रोगियों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा हैं. खासकर डायरिया, टायफायड व गरमी से होन वाले अन्य बीमारी के पीड़ितों की लंबी लाइन अस्पतालों में देखी जा रही हैं. सदर अस्पताल में डायरिया व टायफायड के मरीजों में इजाफा देखा गया.
ऐसे बचें लू से
डॉक्टर अरुण कुमार बताते हैं कि लू से बचाव के लिए धूप में निकलने से परहेज करें, यदि निकले तो छाता लेकर निकले, सन प्रोटेक्शन चश्मा का व्यवहार करें, मसालेदार पदार्थ का उपयोग कम करें, हरा साग-सब्जी का सेवन करें, ज्यादा से ज्यादा पानी पीये, ओआरएस व ग्लूकोज का सेवन करें, कच्चे आम को आग में पका कर शरबत पीये, नमक व चीनी पानी का संतृप्त घोल बना कर पीये. वहीं डॉ एलके लक्ष्मण ने कहा कि गरमी से डायरिया के अलावा शरीर में नमक व पानी की कमी हो जाती है. वहीं मलेरिया, टाइफाइड व पीलिया की संभावना बढ़ जाती है.
उन्होंने बताया कि इस मौसम में सबसे जरूरी जितना अधिक हो सके पानी पीना चाहिए. ठंडा फल का सेवन, दो वक्त स्नान व साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखना चाहिए. गरमी में लोगों को नमक व चीनी के घोल का सेवन करना चाहिए. डायरिया होने की स्थिति में डॉ से मिलना चाहिए. इस दौरान खिचड़ी व नमक चीनी के घोल का प्रयोग करना चाहिए.
