मधेपुरा : मकर संक्रांति को ले कर तील और तिलकुट का बाजार सजने लगा है. गंगा पार के कारीगर कोसी में तिलकुट का स्वाद बेचने को तैयार है. कोसी की फिजां में गया, नवादा के कारीगर की हाथों से बनी तिलकुट की खुशबू अभी से तैर रहीं है. लोगों को बस इंतजार है पंद्रह जनवरी के दिन का. शहर के विभिन्न चौक- चौराहे, बाजार व मोहल्लों में तिलकुट की दुकान सज गयी है. लोग बाजार में सजी तिलकुट को देख कर बरबस ही उसे खाने को पहुंच रहें है.
तिलकुट की सोंधी-सोंधी खुशबू से महकने लगा बाजार
मधेपुरा : मकर संक्रांति को ले कर तील और तिलकुट का बाजार सजने लगा है. गंगा पार के कारीगर कोसी में तिलकुट का स्वाद बेचने को तैयार है. कोसी की फिजां में गया, नवादा के कारीगर की हाथों से बनी तिलकुट की खुशबू अभी से तैर रहीं है. लोगों को बस इंतजार है पंद्रह जनवरी […]

शहर के मुख्य बाजार, कर्पूरी चौक, सुभाष चौक, थाना रॉड, कॉलेज चौक सहित अन्य जगहों पर तिलकुट की दर्जनों दुकानें शहर की शोभा बढ़ा रही है. मेन रोड स्थित तिलकुट दुकानदार बताते है कि मधेपुरा में सभी वर्ग के लोगों को ध्यान में रख तिलकुट की रेंज तैयार की गयी है. हालांकि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार तिल के दाम में थोड़ी बढ़ोत्तरी है. इसलिए तिलकुट का मूल्य दस से बीस प्रतिशत बढ़ा हुआ है.
नववर्ष उत्साह के बाद मकर संक्रांति की तैयारी : बुधवार को लोगों ने नववर्ष के आगमन पर उत्साह मनाया. उसके बाद लोग संक्रांति की तैयारी में जुट गये है. बाजार में संक्रांति को लेकर चहल-पहल बढ़ गयी है. सभी अपने-अपने बजट के अनुसार पर्व की तैयारी कर रहे है. संक्रांति इस वर्ष 15 जनवरी को मनाया जायेगा. इस दिन स्नान,ध्यान के साथ दान की परंपरा है. मान्यता के अनुसार 15 जनवरी के बाद दिन तिल-तिल बढ़ने लगता है. फिलवक्त दिन छोटी रहती और रात बड़ी होती है. संक्रांति के बाद ठंड भी घटने लगती है.
परंपरा का हो रहा पालन : गया की तिलकुट, भागलपुर की कतरनी चूड़ा और दही-गुड़ संक्रांति में चार चांद लगायेगी. तीन व्यंजन लोगों के घरों में थाली की शोभा तो बढ़ायेंगे ही साथ ही स्वाद में भी एक नया रंग जमेगा. रात में विशेष प्रकार की खिचड़ी का भी अपना अलग महत्व होता है.