एसपी ने प्रेसवार्ता में कहा, गिरोह की हो गयी है पहचान, लाइनर व लॉज में रखने वाले को कर लिया गया है गिरफ्तार, शेष की गिरफ्तारी के लिए की जा रही है छापेमारी
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गयी शिनाख्त, डकैती का मास्टरमाइंड है चंदेश्वरी साह उर्फ केके, दुकान के पास रहने वाले दो भाईयों ने निभायी थी लाइनर की भूमिका
मधेपुरा : मुख्य बाजार स्थित ज्वेलरी दुकान में डकैती व गोली मारने की घटना में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से कुछ आभूषण समेत डकैती में प्रयुक्त बैग दर्जनों एटीएम कार्ड व मोबाइल भी बरामद किया गया है. इस बाबत सोमवार को सदर थाना परिसर में एसपी संजय कुमार ने प्रेसवार्ता की. उन्होंने कहा डकैती करने वाले गिरोह का भी उद्भेदन हो चुका है. सभी सदस्यों की पहचान कर ली गयी है. गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.
एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने किया उद्भेदन, दो को किया गिरफ्तार:
एसपी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने स्वयं घटनास्थल पर जाकर मामले का पर्यवेक्षण किया. तुरंत ही एसडीपीओ वसी अहमद के नेतृत्व में टीम गठित किया. टीम ने दिन रात छापेमारी कर मामले का उद्भेदन किया है. ज्वेलरी दुकान के समीप रहने वाले अमरदीप व पारस ने लाइनर की भूमिका निभायी है. पारस साह जमीन की दलाली करता है.
इसके अलावा 15 दिन पूर्व जेल से छूटा है. पूर्णिया में घर ढ़लाई के लिए उसे पैसे की आवश्यकता थी. वही अमरदीप ने पूर्णिया में भूजा का दुकान किया था. इसी क्रम में पारस से ₹चार लाख रुपया उधार लिया था. इस राशि को चुकता करना था. दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से सहरसा के अपराध कर्मियों से संपर्क कर डकैती को अंजाम दिलाया है.
गलत गैंग की और संदेह होने से हुई थोड़ी देरी: एसपी ने बताया कि प्रारंभ में राजू राय गैंग पर संदेह गया था, लेकिन अग्रतर अनुसंधान के क्रम में सही गैंग चिह्नित हो गया. इस गैंग के अधिकतर लोगों का ठिकाना कायस्थ टोला सहरसा स्थित भवेश कुमार का लॉज है. गैंग का मुख्य कर्ता-धर्ता चंदेश्वरी साह उर्फ केके हैं, जो कई छद्म नाम से जाना जाता है. घटना को अंजाम देने के बाद वह पुनः भवेश कुमार के लॉज पर पहुंचा था.
भवेश कुमार को जब संदिग्ध स्थिति में सुबह 3:30 बजे पुलिस की गश्ती गाड़ी ने पकड़ा तो वह मोबाइल से चंदेश्वरी उर्फ केके को जानकारी दे रहा था. वही लाइनर की भूमिका निभाने वाले अमरदीप के ससुराल बलहा में छापेमारी के क्रम में संदिग्ध जेवरात बरामद हुआ है. एसपी ने बताया कि पुलिस की लगातार दबिश के कारण जेवरात का ठीक तरह से बंटवारा करने का मौका अपराधियों को नहीं मिला है. लॉज से ही लूट में प्रयुक्त बैग भी बरामद हुआ.
वही एक जींस पैंट बरामद हुआ. जो शातिर अपराधी विभूति ने घटना के दिन पहना हुआ था. विभूति के अपराध कर्मों की जानकारी देते हुए एसपी ने कहा मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना स्थित अर्राहा महुआ निवासी विभूति की तलाश दिल्ली पुलिस को भी है. कुछ दिनों पहले अपने एक साथी के साथ दिल्ली में हत्या कर वह पैसा लूट कर भागा है.
उन्होंने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है, जबकि सहरसा जिले के ही नरियार के रहने वाले मोहम्मद शोएब की भी पहचान हो गयी है. सीसीटीवी फुटेज में शोएब की स्पष्ट तस्वीर आयी थी. जिससे उसकी बेटी रिजवाना व पत्नी ने पहचाना व स्वीकार किया. छापेमारी के क्रम में शोएब अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा.
एसपी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम में छह अपराधियों ने एक्टिव भूमिका निभायी है. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुरजोर प्रयास जारी है. वही जिला मुख्यालय के एक व्यक्ति का भी नाम आ रहा है. एसपी ने कहा तीन से चार अन्य लोग उनके साथ थे. दो से तीन लोगों ने लाइनर का काम किया है.
वर्तमान में एक लाइनर समेत लॉज में रखकर अपराधिक गतिविधियों में सहायता करने वाले की गिरफ्तारी कर ली गयी है. सदर एसडीपीओ वसी अहमद के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम जिसमें सदर इंस्पेक्टर सुरेश सिंह, एएसआइ अरुण सिंह, कमांडो विपिन कुमार व टीम स्पेशल सेल के अमर कुमार, समेत अन्य पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया जाएगा.
