मधेपुरा : सोमवार को दिनदहाड़े स्वर्ण व्यवसायी को गोली मारकर लाखों की जेवरात लूट ली गयी, जबकि थाने की दूरी महज 500 मीटर की है. यह सिर्फ मधेपुरा की कहानी नहीं है, पूरे सूबे में अपराधियों की सामानांतर सरकार चल रही है. बिहार की पुलिस अपराधियों की खोज कम और शराब के पीछे परेशान रहती है.
शराब और शराबियों की खोज में जुटी तंत्र से अपराधियों पर नकेल कसने की उम्मीद दिवा स्वप्न से अधिक नहीं है. उक्त बातें युवा राजद के राष्ट्रीय महासचिव अजय सिंह ने डीजीपी को भेजे पत्र में कही है. उन्होंने कहा कि जिले के कप्तान अंग्रेजों के जमाने के शाही व्यवस्था के प्रतीक हो गये है.
भूलवश भी रात्रि में पेट्रोलिंग पर नहीं निकलते है. थानाध्यक्ष पहले मुखबिर रखते थे और जानकारी लेते थे. मुखबिर आज भी है लेकिन वे अपराधियों की जानकारी नहीं शराब और उसके कारोबारी की जानकारी देते हैं. राजद नेता ने डीजीपी से आग्रह किया कि पुलिस तंत्र को समाज से जुड़ने की सलाह दें. फरियाद लेकर पहुंचने वाले लोगों को एसपी साहब तो छोड़िए दरोगा जी भी बैठने नहीं कहते है.
व्यापार संघ के समर्थन में रहेगी जाप : मधेपुरा. जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहन मंडल, वरिष्ठ नेता राम कुमार यादव व अनिल अनल ने कहा कि जाप सोना व्यापारी के साथ हुए लूटपाट व गोलीबारी की घटना के विरोध में व्यापार संघ द्वारा उठाया गये आंदोलन के निर्णय का समर्थन करती है.
