लखीसराय जिला परिषद में आंतरिक खींचतान और असंतोष अब खुलकर सड़क पर आ गया है. मंगलवार से जिला परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार के समक्ष जिला परिषद सदस्यों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है. हड़ताल पर बैठे सदस्यों ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा.
भुगतान ठप और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप
धरने पर बैठे सदस्यों ने जिला परिषद के कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं:
- भुगतान पर रोक: सदस्यों का सीधा आरोप है कि क्षेत्र में जिन योजनाओं का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्वक पूरा हो चुका है, उनका भुगतान जानबूझकर अटकाया जा रहा है.
- संवेदकों को धमकी: यह भी आरोप लगाया गया है कि काम करने वाले अभिकर्ताओं (संवेदकों) को डराया-धमकाया जा रहा है.
- जनता के सवालों से घिरे प्रतिनिधि: जिप सदस्य भानु सिंह ने कहा कि चेयरमैन और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के कारण पूरे जिले में विकास कार्य ठप पड़ा है. जनता उनसे काम का हिसाब मांग रही है, जिसका जवाब देना जनप्रतिनिधियों के लिए मुश्किल हो गया है.
हड़ताल कर रहे सदस्यों की 3 मुख्य मांगें
आंदोलनरत जिला परिषद सदस्यों ने प्रशासन के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं:
- योजनाओं का समान बंटवारा: 15वें वित्त आयोग, 16वें वित्त आयोग, पंचम और षष्ठम वित्त आयोग की योजनाओं का आवंटन पंचायती राज विभाग की आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार सभी जिप सदस्यों के बीच पूरी पारदर्शिता और समानता से किया जाए.
- कमीशनखोरी पर लगे लगाम: विकास योजनाओं में जारी अवैध वसूली और कमीशनखोरी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.
- रोके गए भुगतान हों जारी: पूर्ण हो चुकी योजनाओं के भुगतान पर लगाई गई अघोषित रोक को तुरंत हटाया जाए ताकि संवेदकों को उनका बकाया मिल सके.
धरने में उपाध्यक्ष समेत कई प्रमुख सदस्य शामिल
इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में जिला परिषद के कई दिग्गज चेहरे एक मंच पर नजर आए:
- जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता महतो
- जिप सदस्य भानु प्रताप सिंह
- जिप सदस्य चुनचुन देवी
- जिप सदस्य अमित सागर
- जिप सदस्य खुशबू देवी
- जिप सदस्य रविराज
- जिप सदस्य प्रतिनिधि हिमांशु कुमार सहित अन्य स्थानीय प्रतिनिधि.
