सूर्यगढ़ा (लखीसराय) : सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के खेमतरनी स्थान गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में रविवार को शहीद अभिराज कुमार की चौथी शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी. कार्यक्रम में छपरा से पहुंची छठी बटालियन आईटीबीपी के जवानों की टुकड़ी विशेष रूप से शामिल हुई. जवानों ने विद्यालय परिसर में बने शहीद अभिराज के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
इस दौरान शहीद की मां आशा देवी बेटे को याद कर भावुक हो गयीं. बेटे की शहादत को याद करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. मां का दर्द देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गयीं. इस दौरान ‘शहीद अभिराज अमर रहें’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा. कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजय कुमार ने किया.
आईटीबीपी के एसआई जीडी फौजदार राय सहित छह जवानों ने शहीद के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष रोहित कुमार सिंह, मोहम्मदपुर के पूर्व मुखिया नित्यानंद कुमार, बदन यादव, शिक्षक नवल किशोर, शहीद के माता-पिता और अन्य परिजन, ग्रामीण तथा विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किये. आईटीबीपी की ओर से शहीद के परिजनों को सम्मान स्वरूप उपहार भेंट किया गया.
16 अगस्त 2022 को शहीद हुए थे अभिराज
खेमतरनी स्थान गांव निवासी सुरेंद्र राम के पुत्र अभिराज कुमार आईटीबीपी में जवान के रूप में सेवा दे रहे थे. वर्ष 2022 में उनकी अमरनाथ यात्रा में ड्यूटी लगी थी. ड्यूटी पूरी करने के बाद 16 अगस्त 2022 को आईटीबीपी के जवान बस से पहलगाम लौट रहे थे. इसी दौरान चंदनबाड़ी के समीप बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी. हादसे में अभिराज समेत आईटीबीपी के सात जवान शहीद हो गये थे. हादसे की वजह बस का ब्रेक फेल होना बतायी गयी थी.
शहादत को याद कर भावुक हुए पूर्व मुखिया
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने अभिराज के जीवन, कर्तव्यनिष्ठा और देश के लिए दिये गये सर्वोच्च बलिदान को याद किया. पूर्व मुखिया नित्यानंद कुमार भी संबोधन के दौरान भावुक हो गये और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े.
वक्ताओं ने कहा कि देश की सेवा करते हुए प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे. कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने शहीद अभिराज के बलिदान को नमन किया. ‘शहीद अभिराज अमर रहें’ के जयघोष के साथ लोगों ने उनकी स्मृति को सदैव जीवित रखने का संकल्प लिया.
