सूर्यगढ़ा : राज्य सरकार के निर्देश पर प्रत्येक शनिवार को अंचल स्तर पर जमीन विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए जनता दरबार आयोजित किया जाता है. इसके लिए राजस्व से जुड़े प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, जैसे अंचलाधिकारी या राजस्व अधिकारी के साथ थानाध्यक्ष या पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी निर्धारित है. लेकिन शनिवार को सूर्यगढ़ा अंचल कार्यालय में जनता दरबार की कार्रवाई तय समय पर शुरू नहीं हो सकी.
प्रभात खबर ने शनिवार अपराह्न एक बजे अंचल कार्यालय पहुंचकर जनता दरबार की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान कई फरियादी पहले से कार्यालय में मौजूद थे और पदाधिकारियों के आने का इंतजार कर रहे थे. दोपहर एक बजे तक न तो राजस्व से जुड़े कोई प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे और न ही किसी थाना के थानाध्यक्ष या पुलिस पदाधिकारी पहुंचे थे.
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न घंटे से पदाधिकारियों का इंतजार कर रहे थे फरियादी
जनता दरबार में सूर्यगढ़ा के अलावा मानिकपुर, मेदनीचौकी, पीरी बाजार और कजरा थाना क्षेत्र से जुड़े भूमि विवादों की सुनवाई होती है. शनिवार को भी विभिन्न इलाकों से फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे.
पीरी बाजार थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी संजू देवी और उनके रिश्तेदार गंगा यादव, अलीनगर इंग्लिश निवासी सोगारथ यादव व उनकी पत्नी रेखा देवी तथा नंदपुर निवासी मसूदन कुमार समेत अन्य फरियादियों ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. उनका कहना था कि बार-बार कार्यालय आने के बावजूद मामलों का समाधान नहीं हो पा रहा है.
शिकायत के बाद हरकत में आया अंचल प्रशासन
जनता दरबार शुरू नहीं होने को लेकर जब मोबाइल फोन से अंचलाधिकारी मृत्युंजय कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वह विभागीय कार्य से क्षेत्र में हैं. उन्होंने बताया कि राजस्व अधिकारी जयकांत जायसवाल बैठक में शामिल होने के लिए जिला मुख्यालय गये हुए हैं.
मामले की जानकारी मिलने के बाद अंचलाधिकारी ने अंचल कार्यालय के प्रधान सहायक श्याम कुमार को जनता दरबार की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि वह भी थोड़ी देर में कार्यालय पहुंच रहे हैं.
1:10 बजे शुरू हुई जनता दरबार की कार्रवाई
अंचलाधिकारी के निर्देश के बाद अपराह्न करीब 1:10 बजे अंचल कार्यालय के प्रधान सहायक श्याम कुमार और लिपिक संजय कुमार ने जनता दरबार की कार्रवाई शुरू की. इसके बाद फरियादियों की शिकायतें सुनी गयीं.
जनता दरबार में निर्धारित समय पर पदाधिकारियों की मौजूदगी नहीं होने से फरियादियों को इंतजार करना पड़ा. लंबे समय से जमीन विवाद के समाधान के लिए अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे लोगों ने समय पर सुनवाई और मामलों के त्वरित निष्पादन की मांग की.