सेप्टिक टैंक ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा में मारी जोरदार टक्कर, चालक की मौत, आठ घायल

मानो पुल के समीप एनएच 80 पर सेप्टिक टैंक लगे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को जोरदार ठोकर मार दी, जिससे ई-रिक्शा चालक की मौत हो गयी.

इलाज के लिए ले जाते चालक ने रास्ते में तोड़ा दम

शहर के दालपट्टी स्थित अष्टघटी मोड़ पर शव रखकर लोगों ने मुख्य सड़क को किया जाम

25 लाख के साथ एक सरकारी नौकरी की रखी मांग, एक घंटा बाद हटाया जाम

सूर्यगढ़ा/लखीसराय. सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच 80 स्थित मानो पुल के समीप एनएच 80 पर सेप्टिक टैंक लगे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को जोरदार ठोकर मार दी, जिससे ई-रिक्शा चालक की मौत हो गयी. वहीं ई-रिक्शा पर सवार आठ लोग घायल हो गये. घायलों का इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है, जबकि मृतक के शव को दालपट्टी स्थित अष्टघटी मोड़ पर रखकर परिजनों ने लगभग एक घंटे से अधिक समय तक मुख्य सड़क को जाम कर दिया. अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद जाम हटाया गया.

जानकारी के अनुसार, रविवार को ई-रिक्शा पर सवार होकर 8-9 लोग श्रृंगीऋषि से पूजा-पाठ कर लौट रहा थे, तभी रास्ते में मानो पुल के समीप एक अनियंत्रित सेप्टिक टैंक लगे ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा में जोरदार ठोकर मार दी. जिससे ई-रिक्शा चालक सह वार्ड नंबर 19 हनुमान नगर निवासी 25 वर्षीय नरेश साव के पुत्र विजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गये, जिसे विद्यापीठ चौक स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज करने के लिए ले जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गयी. जबकि ई रिक्शा पर सवार पथला निवासी राजेश पासवान के 10 वर्षीय पुत्र सुमन कुमार, 39 वर्षीय पत्नी आरुषि कुमारी, सिल्वे निवासी अंकित पासवान की 22 वर्षीय पत्नी सोनी कुमारी, पांच वर्षीय पुत्री इशू कुमारी, तीन वर्षीय पुत्र ऋतिक कुमार, हनुमान नगर निवासी पप्पू साव की 35 वर्षीय पत्नी गीता देवी एवं सात वर्षीय पुत्री सोनाक्षी देवी शामिल हैं. सभी घायलों का सदर अस्पताल व निजी क्लीनिक में इलाज कराया गया.

वहीं युवक की मौत से आक्रोशित लोगों ने शहर के मुख्य सड़क अष्टघटी मोड़ पर शव रखकर जाम कर दिया. जाम स्थल पर मौजूद लोग 25 लाख मुआवजा व एक सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे. साथ ही डीएम को आने की बात कही. सड़क जाम एक घंटे से अधिक रखा गया. एक घंटा बाद जाम स्थल पर एसडीएम प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार पहुंचे, तो लोगों ने कहा कि मृतक की पत्नी की गोद में दुधमुंहा बच्चा है, जिसका लालन-पालन करने के लिए उन्हें कोई नौकरी दे दें. इस पर एसडीएम ने कहा कि वह सरकार को पत्र लिखकर अनुबंध या अन्य नौकरी की अनुशंसा करेंगे. साथ ही मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जायेगा, इस आश्वासन पर जाम हटाया गया. तब यातायात बहाल हो सका एवं पोस्टमार्टम के लिए शव को सदर अस्पताल ले जाया गया.

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