सूर्यगढ़ा : सुंदर भवन, हरे-भरे पेड़-पौधे और बच्चों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाला मध्य विद्यालय शिवनगर लोशघानी इन दिनों जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है. विद्यालय परिसर में पिछले करीब 20 दिनों से लगभग दो फीट पानी जमा है. इससे स्कूल का खेल मैदान पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है. लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण परिसर के वातावरण को लेकर भी चिंता बनी हुई है.
छोटे गेट से हो रहा आवागमन, फिसलने का खतरा
जलजमाव के कारण विद्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार बंद रखना पड़ रहा है. विद्यार्थी और शिक्षक-शिक्षिकाएं साइड के छोटे गेट से स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं. यहां भी पानी जमा रहने के कारण बच्चों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है.
इस दौरान बच्चों के फिसलकर गिरने और चोटिल होने का खतरा बना रहता है. स्कूल परिसर में लगातार पानी जमा रहने से जहरीले कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप बढ़ने की भी बात कही जा रही है.
चापाकल और बोरिंग के आसपास भी जमा है पानी
विद्यालय परिसर में स्थित चापाकल और बोरिंग के आसपास भी जलजमाव है. प्रधानाध्यापक संतोष कुमार ने बताया कि पेयजल के स्वाद में बदलाव महसूस किया जा रहा है. इससे बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर चिंता बनी हुई है.
दो वर्षों से बरसात में बनी हुई है समस्या
प्रधानाध्यापक संतोष कुमार ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से विद्यालय में कार्यरत हैं. पिछले वर्ष भी बरसात के दौरान जलजमाव की समस्या सामने आयी थी और इस वर्ष भी स्थिति बनी हुई है.
उन्होंने बताया कि विद्यालय के आसपास मौजूद गड्ढों में बारिश का पानी जमा हो जाता है. बोरिंग के माध्यम से पानी निकालने का प्रयास किया जाता है, लेकिन बाहर निकाले गए पानी की निकासी के लिए उचित जगह नहीं होने के कारण समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है.
315 बच्चे और 11 शिक्षक-शिक्षिकाएं
मध्य विद्यालय शिवनगर लोशघानी में 315 बच्चे नामांकित हैं. वहीं, प्रधानाध्यापक सहित कुल 11 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं. विद्यालय प्रबंधन के अनुसार परिसर में मिट्टी भराई और शेष चारदीवारी का निर्माण पूरा होने से जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है.
अब सवाल यह है कि विद्यालय परिसर और बच्चों के खेल मैदान से जलजमाव कब दूर होगा और विद्यार्थियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा कब मिलेगी.