ठाकुरगंज
जहां एक ओर सरकार बच्चों की सुरक्षा व शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं ठाकुरगंज में जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. यहां स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करने को मजबूर हैं. सिलीगुड़ी अलुआबाड़ी रेलखंड के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे गुमटी पर अब तक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण नहीं कराया गया है. ऐसे में आम लोग जान को जोखिम में डालकर प्रतिदिन रेलवे लाइन को पार करते हैं. हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है. कई बार ओवरब्रिज की मांग की गई. लेकिन विभाग को शायद हादसे का इंतजार है. बताते चले ठाकुरगंज शहर की आबादी करीब 20 हजार हैं. वहीं प्रखंड मुख्यालय होने के कारण सारे प्रखंड के हजारों लोग प्रतिदिन ठाकुरगंज आते है. शहर में ही रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड हैं. वही पूर्वी हिस्से में मध्य विद्यालय अवस्थित है जहां नगर के कई बच्चे अध्ययनरत है, ऐसे में नगर को दो हिस्सों में बांटने वाली रेल लाइन को पार करने के लिए लोगों को रेल पटरी पार करना विवशता बन जाता है.प्रशासन की लापरवाही या मजबूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति नई नहीं है. सालों से बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं, लेकिन अब तक न रेलवे ने और न ही स्थानीय प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया है, लोगो के मन में यह सवाल लगातार उठता है कि क्या किसी हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा.
