अरवल घटना के विरोध में लखीसराय सदर अस्पताल में OPD सेवा ठप: डॉक्टरों ने किया काम का बहिष्कार, मरीज बेहाल

अरवल जिले में सिविल सर्जन के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में लखीसराय सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने OPD सेवाओं का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है. इससे दूर-दराज से आए सैकड़ों मरीज बिना इलाज के घर लौटने को मजबूर हुए हैं.

अरवल जिले में सिविल सर्जन के साथ हुए कथित अमर्यादित व्यवहार और हिंसात्मक घटना के विरोध में लखीसराय सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भी मोर्चा खोल दिया है. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (बासा) के आह्वान पर लखीसराय सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने ओपीडी (OPD) सेवाओं का पूर्ण बहिष्कार कर दिया, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई और अस्पताल पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

संघ ने लिखा स्वास्थ्य सचिव को पत्र, सुरक्षा की उठाई मांग

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के चिकित्सकों ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पत्र भेजकर अपना विरोध दर्ज कराया है:

  • कार्रवाई न होने से आक्रोश: संघ का कहना है कि पूर्व में भी डॉक्टरों के साथ होने वाली हिंसात्मक घटनाओं को रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा गया था.
  • 21 जुलाई की समय-सीमा खत्म: 21 जुलाई तक मामले में कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई न होते देख संघ ने ओपीडी सेवा के बहिष्कार का सर्वसम्मति से निर्णय लिया.
  • कड़े आंदोलन की चेतावनी: चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि यदि अरवल मामले के दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे राज्यव्यापी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

दूर-दराज से आए मरीज हुए परेशान, बिना इलाज लौटे घर

ओपीडी सेवाएं बंद रहने के कारण अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा:

  • भटकते रहे ग्रामीण: हलसी, रामगढ़ चौक, चानन और पिपरिया जैसे सुदूर ग्रामीण इलाकों से सुबह-सुबह इलाज कराने पहुंचे मरीज व उनके परिजन दिनभर परेशान रहे.
  • इमरजेंसी के भरोसे व्यवस्था: ओपीडी पर्चा बंद होने के कारण अधिकांश मरीजों को निराश होकर बिना डॉक्टरी सलाह के ही घर लौटना पड़ा. केवल गंभीर रूप से बीमार कुछ मरीजों की जांच इमरजेंसी (Emergency) में मौजूद डॉक्टरों द्वारा की गई.

"इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह चालू हैं": उपाधीक्षक

मामले की जानकारी देते हुए सदर अस्पताल लखीसराय के उपाधीक्षक डॉ. कुमार अमित ने बताया:

उपाध्यक्ष डॉ. कुमार अमित का बयान: "सुबह 11 बजे तक ओपीडी में सामान्य रूप से कार्य संचालित हुआ था, लेकिन इसके बाद बासा (BASA) का आधिकारिक कॉल आने पर डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार किया. हालांकि, आम जनमानस की राहत के लिए अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह चालू रखी गई हैं."


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

राजीव मुरारी सिन्हा लखीसराय में प्रिंट माध्यम में 23 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के लखीसराय कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >