पीरीबाजार : पीरीबाजार थाना क्षेत्र में छह माह के भीतर हुई दो हत्या की घटनाओं को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. दोनों मामलों में कई आरोपी नामजद हैं, लेकिन अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है.
रेल कर्मी हत्याकांड में छह माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं
पहली घटना 18 फरवरी 2026 को घोघी में हुई थी, जहां रेलकर्मी दिलीप उर्फ संतोष कुमार की हत्या कर दी गयी थी. घटना के अगले दिन 19 फरवरी को अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. ग्रामीणों का कहना है कि छह माह से अधिक समय बीतने के बावजूद मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
सूरज रजक हत्याकांड में एक गिरफ्तार, चार फरार
दूसरी घटना 19 जुलाई 2026 की है. सूरज रजक की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. हालांकि प्राथमिकी में नामजद चार अन्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं. परिजनों और ग्रामीणों में इसे लेकर आक्रोश है.
एसपी से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में कार्रवाई में देरी से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. कुछ लोगों ने फरार आरोपियों को प्रभावशाली लोगों का संरक्षण मिलने की आशंका भी जतायी है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने लखीसराय एसपी और वरीय अधिकारियों से दोनों मामलों की समीक्षा कर फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है.
पीरीबाजार थानाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह ने बताया कि दोनों मामलों की गहनता से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी.
