Barahiya Sanitation Workers Strike: बड़हिया (लखीसराय). नगर परिषद बड़हिया के सफाई कर्मियों का आंदोलन गुरुवार को पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मियों ने नगर परिषद कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया, शहर में जुलूस निकाला और बाद में कार्यालय परिसर में धरना दिया. दोपहर बाद सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच वार्ता सफल होने के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी गयी.
ईपीएफ, वेतन वृद्धि और नियमितीकरण की उठाई मांग
प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मियों ने ईपीएफ भुगतान, वेतन वृद्धि, एनजीओ व्यवस्था समाप्त कर सभी कर्मियों को दैनिक सफाई कर्मी के रूप में बहाल करने तथा लंबे समय से कार्यरत कर्मियों को नियमित करने की मांग की. कर्मियों का कहना था कि मजदूर दिवस पर प्रतिदिन 50 रुपये मानदेय बढ़ाने की घोषणा के बावजूद अब तक इसका लाभ नहीं मिला है.
मांगपत्र नहीं सौंप सके आंदोलनकारी
कार्यपालक पदाधिकारी के अवकाश पर रहने के कारण आंदोलनकारी अपना मांगपत्र प्रशासन को नहीं सौंप सके. नगर परिषद सभापति की ओर से वार्ता की पहल की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी तत्काल बातचीत के लिए तैयार नहीं हुए.
सरकार और फेडरेशन की वार्ता रही सफल
दोपहर बाद पटना में नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री और बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता सफल रही. सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद फेडरेशन ने प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी. इसके साथ ही बड़हिया सहित राज्य के सभी नगर निकायों में सफाई कर्मियों के काम पर लौटने का रास्ता साफ हो गया.
मानदेय वृद्धि की प्रक्रिया शुरू
Barahiya Sanitation Workers Strike: नगर परिषद सभापति डेजी कुमारी, पार्षद अमित शंकर तथा सभापति प्रतिनिधि सुजीत कुमार ने बताया कि मजदूर दिवस पर घोषित 50 रुपये प्रतिदिन मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव बोर्ड से पारित हो चुका है. बढ़ी हुई राशि के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. उन्होंने सभी सफाई कर्मियों से कार्य पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि नगर परिषद उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
