लखीसराय में ‘मिडिएशन फॉर नेशन 3.0’ की तैयारी तेज, समझौते योग्य मामलों को भेजा जाएगा मध्यस्थता केंद्र

लखीसराय में 'मिडिएशन फॉर नेशन 3.0' अभियान के तहत आपसी सहमति से लंबित मुकदमों के समाधान पर जोर दिया जा रहा है। न्यायिक अधिकारियों की बैठक में समझौते की संभावना वाले मामलों की पहचान कर उन्हें मध्यस्थता केंद्र भेजने की रणनीति बनाई गई है।

लखीसराय. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लखीसराय की ओर से ‘मिडिएशन फॉर नेशन 3.0’ विशेष अभियान को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय के प्रकोष्ठ में हुई बैठक की अध्यक्षता पवन कुमार झा ने की. बैठक में जिले में अभियान को व्यापक और प्रभावी तरीके से लागू करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई. न्यायिक अधिकारियों ने ऐसे लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करने का निर्णय लिया, जिनमें दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और समझौते की संभावना है.

लंबित मुकदमों में समझौते की संभावना वाले मामलों की होगी पहचान

बैठक में न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा कर ऐसे मुकदमों को चिन्हित करने पर जोर दिया गया, जिनका समाधान पक्षकारों की आपसी सहमति से निकाला जा सकता है. अधिकारियों का मानना है कि मध्यस्थता के माध्यम से कई विवादों का समाधान कम समय में और सौहार्दपूर्ण तरीके से किया जा सकता है. ‘मिडिएशन फॉर नेशन 3.0’ अभियान का उद्देश्य भी ऐसे मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाना है. इससे मुकदमों के निस्तारण में तेजी आने के साथ न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी मदद मिल सकती है.

दोनों पक्षों को समय पर भेजा जाएगा नोटिस

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि चिन्हित मामलों में संबंधित दोनों पक्षों को ससमय नोटिस जारी किया जाएगा. नोटिस के माध्यम से पक्षकारों को मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल होने और आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकालने का अवसर दिया जाएगा. मध्यस्थता प्रक्रिया में पक्षकार अपनी सहमति से विवाद का समाधान तलाश सकते हैं. अधिकारियों ने इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए चिन्हित मामलों को समय पर मध्यस्थता केंद्र भेजने पर भी सहमति जताई.

आम लोगों को मध्यस्थता के फायदे बताए जाएंगे

बैठक में सिर्फ लंबित मामलों को मध्यस्थता के लिए चिन्हित करने पर ही जोर नहीं दिया गया, बल्कि आम लोगों को मध्यस्थता के लाभों के प्रति जागरूक करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों ने कहा कि लोगों को यह जानकारी दी जानी जरूरी है कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान निकालने से समय और संसाधनों की बचत हो सकती है. साथ ही पक्षकारों के बीच संबंधों को बनाए रखते हुए विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान तलाशने में भी मध्यस्थता उपयोगी हो सकती है.

अधिकतम मामलों को मध्यस्थता केंद्र भेजने पर जोर

जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने अधिक से अधिक उपयुक्त मामलों को मध्यस्थता केंद्र भेजने पर सहमति जताई. इसके लिए न्यायालयों में लंबित मामलों की पहचान करने और उनकी प्रकृति के आधार पर मध्यस्थता की संभावना का आकलन करने की प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया गया.

अभियान के तहत ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें पक्षकारों के बीच समझौते की गुंजाइश मौजूद है. इससे विवादों के त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता खुल सकता है.

न्यायिक अधिकारियों ने बनाई अभियान को प्रभावी बनाने की रणनीति

बैठक में अधिकारियों ने अभियान के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया. चिन्हित मामलों में नोटिस जारी करने, पक्षकारों को मध्यस्थता के लिए प्रेरित करने और अधिकतम उपयुक्त मामलों को मध्यस्थता केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई. जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से अभियान को लेकर की जा रही तैयारियों से आने वाले दिनों में लंबित मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है.

बैठक में न्यायिक अधिकारी रहे मौजूद

मौके पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सीमा भारती, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय शुभनंदन झा, डालसा सचिव विद्यानंद सागर, न्यायिक पदाधिकारी मुकेश मिश्रा समेत अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By राजेश कुमार

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >