Lakhisarai Teachers Award: लखीसराय. जिले के दो शिक्षकों ने अपने काम से न सिर्फ स्कूल बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है. पटना में आयोजित राज्यस्तरीय ‘गुरु सम्मान समारोह 2026’ में लखीसराय के दो शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
बड़हिया प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोला दरियापुर के प्रधान शिक्षक पीयूष कुमार झा और कजरा शिक्षांचल के मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर के शिक्षक सह बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ के लखीसराय जिलाध्यक्ष गोविंद कुमार को समारोह में ‘गुरु सम्मान’ प्रदान किया गया.
दोनों शिक्षकों को यह सम्मान ऐसे समय मिला है, जब शिक्षक दिवस को लेकर देशभर में शिक्षकों के योगदान को याद किया जा रहा है.
पटना में जुटीं शिक्षा और साहित्य जगत की हस्तियां
शिक्षक दिवस से पहले गुरुवार को पटना में राज्यस्तरीय गुरु सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया. बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना और मानवाधिकार टुडे के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे.
समारोह में लखीसराय के दोनों शिक्षकों को प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया.
उन्हें बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति मांधाता सिंह, पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और प्रख्यात गणितज्ञ प्रो. केसी सिन्हा, बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ, पद्मश्री अशोक विश्वास, पद्मश्री विमल जैन और डॉ. जेके सिंह ने सम्मान प्रदान किया.
पीयूष कुमार झा को पहले भी मिल चुका है राजकीय शिक्षक सम्मान
बड़हिया के प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोला दरियापुर के प्रधान शिक्षक पीयूष कुमार झा के लिए यह सम्मान विशेष मायने रखता है.
उन्हें वर्ष 2025 में बिहार सरकार की ओर से राजकीय शिक्षक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है.
लगातार अलग-अलग स्तरों पर सम्मान मिलना उनके शिक्षण कार्य और विद्यालय में किए गए प्रयासों की पहचान के तौर पर देखा जा रहा है.
गोविंद कुमार ने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर किया काम
मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर के शिक्षक गोविंद कुमार को विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया.
उन्होंने स्कूल में पीबीएल यानी प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने का प्रयास किया.
प्रोजेक्ट आधारित पढ़ाई में बच्चों को केवल किताबों और पारंपरिक तरीके से पढ़ाने के बजाय किसी विषय को गतिविधि और प्रोजेक्ट के जरिए समझने का अवसर मिलता है. गोविंद कुमार के प्रयास से विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय काम हुआ.
एक सम्मान, दो अलग-अलग शिक्षण प्रयास
दोनों शिक्षकों की उपलब्धियां अलग-अलग हैं, लेकिन उनके काम का केंद्र बच्चों की शिक्षा और स्कूल से जुड़ाव है.
पीयूष कुमार झा को जहां उनके शिक्षण कार्य के लिए पहले राज्य सरकार का राजकीय शिक्षक सम्मान मिल चुका है, वहीं गोविंद कुमार ने प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण के जरिए बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में योगदान दिया है.
ऐसे प्रयास ग्रामीण और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की नियमित उपस्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
सम्मान मिलने पर जिले में खुशी
लखीसराय के दोनों शिक्षकों को राज्यस्तरीय सम्मान मिलने के बाद जिले के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है.
पूर्व विधायक फुलैना सिंह, बड़हिया की प्रखंड प्रमुख इंदु देवी, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष अरविंद कुमार भारती, प्रतिभा चयन एकता मंच बड़हिया के अध्यक्ष डॉ. रामरूप दास, उपाध्यक्ष डॉ. रामप्रवेश सिंह, शिक्षक नेता शुभम कुमार और अविनाश कुमार ने दोनों शिक्षकों को बधाई दी.
इसके अलावा सीआरसी लक्ष्मीपुर के संचालक संतोष कुमार और समन्वयक जयप्रकाश कुमार सहित कई गणमान्य लोगों ने भी सम्मान मिलने पर शुभकामनाएं दीं.
Lakhisarai Teachers Award: ग्रामीण स्कूलों के शिक्षकों के लिए बढ़ा उत्साह
राज्यस्तरीय मंच पर लखीसराय के दो शिक्षकों को सम्मान मिलना जिले के सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाला है.
खासकर ऐसे समय में जब सरकारी स्कूलों में बच्चों की नियमित उपस्थिति, पढ़ाई के प्रति रुचि और सीखने के नए तरीकों पर जोर दिया जा रहा है, पीयूष कुमार झा और गोविंद कुमार के प्रयास दूसरे शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं.
पटना में मिला यह सम्मान केवल दो शिक्षकों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि लखीसराय के उन सरकारी स्कूलों की भी पहचान है जहां शिक्षक सीमित संसाधनों के बीच बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं.
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