लखीसराय में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन का पावन पर्व: बहनों ने बांधी कलाई पर राखी, भाइयों ने दिया रक्षा का वचन

लखीसराय में रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के साथ मनाया गया. घरों में बहनों ने भाइयों की आरती उतारकर, तिलक लगाकर और स्नेह की राखी बांधकर त्योहार की रौनक बढ़ाई.

Lakhisarai Raksha Bandhan: लखीसराय में कहीं बहन भाई की आरती उतार रही थी, तो कहीं राखी बांधने के बाद छोटे भाई को मिठाई खिलाकर उसके चेहरे की मुस्कान निहार रही थी. रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को लखीसराय जिले में भाई-बहन के अटूट प्रेम की ऐसी ही तस्वीरें देखने को मिलीं. घर-घर में सुबह से ही त्योहार की रौनक रही. बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी और उनकी कलाई पर प्रेम और विश्वास की राखी बांधी.

राखी बांधने के बाद बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना की. भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का वचन देते हुए उन्हें उपहार भेंट किये. इस दौरान परिवार के सदस्यों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलायी और पर्व की खुशियां साझा कीं.

तिलक, आरती और राखी से सजा घर-घर का माहौल

रक्षाबंधन को लेकर जिले में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा. बहनों ने पूजा की थाली सजायी. इसमें रोली, अक्षत, दीप और मिठाइयां रखकर भाई की आरती उतारी गयी.

इसके बाद भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी कलाई पर राखी बांधी गयी. राखी बांधने के बाद बहनों ने अपने भाइयों के बेहतर स्वास्थ्य, लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना की.

भाइयों ने भी इस रिश्ते की अहमियत को महसूस करते हुए बहनों को रक्षा का वचन दिया और उन्हें उपहार देकर अपना स्नेह जताया.

छोटी-छोटी खुशियों में दिखा भाई-बहन का बड़ा रिश्ता

रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा उत्साह छोटे बच्चों में देखने को मिला. घरों में मासूम बच्चों की चहक और मुस्कान ने त्योहार की रौनक बढ़ा दी.

छोटी बहनों ने अपने भाइयों के लिए पसंद की राखियां चुनीं. वहीं भाइयों ने भी राखी बंधवाने के बाद बहनों को मिठाई खिलायी और उनके साथ तस्वीरें खिंचवायीं.

कई घरों में बच्चों ने पारंपरिक परिधान पहनकर त्योहार मनाया. पूजा के दौरान बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद भी लिया गया. परिवार के छोटे-बड़े सभी सदस्य इस पारंपरिक पर्व में शामिल हुए.

जब राखी बनी प्यार और भरोसे की डोर

रक्षाबंधन सिर्फ कलाई पर राखी बांधने का त्योहार नहीं है. यह भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करने का अवसर भी है.

बहन के लिए राखी बांधना भाई की खुशहाली और सुरक्षा की कामना से जुड़ा है, तो भाई के लिए बहन की खुशी और सम्मान की जिम्मेदारी से. यही वजह है कि इस पर्व पर वर्षों पुराने रिश्तों में भी नई आत्मीयता दिखाई देती है.

दूर रहने वाले भाई-बहनों के लिए भी रक्षाबंधन खास रहा. जो भाई या बहन किसी कारण से साथ नहीं हो सके, उन्होंने फोन और वीडियो कॉल के जरिए एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं.

बच्चों की मुस्कान ने बढ़ायी पर्व की रौनक

त्योहार के दौरान छोटे-छोटे बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था. रंग-बिरंगे और पारंपरिक कपड़ों में सजे बच्चे परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाते नजर आए.

किसी घर में बहन भाई को तिलक लगा रही थी, तो कहीं भाई राखी बंधवाने के बाद बहन को मिठाई खिला रहा था. इन छोटे-छोटे पलों ने घरों में खुशियों का माहौल बना दिया.

परिवारों ने साथ बैठकर मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं.

Lakhisarai Raksha Bandhan: रिश्तों को सहेजने का संदेश दे गया रक्षाबंधन

रक्षाबंधन का यह पर्व एक बार फिर लोगों को अपने रिश्तों को समय देने और उन्हें सहेजने का संदेश दे गया.

भागदौड़ भरी जिंदगी में परिवार के साथ बिताया गया यह दिन भाई-बहन के रिश्ते में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने का अवसर बना. बहनों की राखी और भाइयों का रक्षा वचन इसी रिश्ते की मजबूती का प्रतीक बना.

लखीसराय में पूरे उत्साह और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और अपनापन की याद दिलाता रहा.

फोटो- भइया को आरती उतारती बहना | Prabhat Khabar Network

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By राजेश कुमार

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