लखीसराय में हरियाली का मेगा प्लान तैयार, 1.60 लाख पौधे लगेंगे, जीविका दीदियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Lakhisarai News: लखीसराय जिले में हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए वन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की महत्वाकांक्षी पौधारोपण कार्य योजना तैयार कर ली है. इस योजना से जल-जीवन-हरियाली मिशन को रफ्तार मिलेगी और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे.

Lakhisarai News: बिहार के लखीसराय जिले में हरियाली बढ़ाने के लिए वन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की व्यापक पौधारोपण कार्ययोजना तैयार की है. इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य केवल पेड़ लगाना नहीं, बल्कि जल-जीवन-हरियाली अभियान को नई गति देना, पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना और ग्रामीण क्षेत्रों में हरित आवरण का विस्तार करना है.

जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने इस योजना को अंतिम स्वीकृति और बजट आवंटन के लिए मुंगेर वन प्रमंडल पदाधिकारी को भेज दिया है. स्वीकृति मिलने के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान शुरू होगा.

प्रभारी मंत्री के निर्देश के बाद बनी कार्ययोजना

इस अभियान की शुरुआत 28 जून 2026 को चानन प्रखंड के कुंदर पंचायत सरकार भवन में आयोजित पंचायत विकास दिवस से हुई.

कार्यक्रम में ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री सुनील कुमार ने व्यापक वृक्षारोपण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया था.

निर्देश मिलने के मात्र 48 घंटे के भीतर क्षेत्रीय वन पदाधिकारी ने स्थलवार ब्लूप्रिंट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंप दिया. इसके बाद पूरी योजना को अंतिम रूप दिया गया.

सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा के लिए लगेंगे गैबियन

वन विभाग ने इस बार केवल पौधे लगाने पर ही नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया है.

योजना के तहत शहर और प्रमुख सड़कों पर लोहे के ट्री-गार्ड (गैबियन) लगाए जाएंगे. जमुई मोड़ से विद्यापीठ चौक तक लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में 100 लोहे के गैबियन लगाए जाएंगे.

इसी तरह कजरा-उरैन मार्ग, संसार पोखर और केंद्रीय विद्यालय परिसर में भी बड़ी संख्या में लोहे के गैबियन लगाए जाएंगे, ताकि पौधों को सुरक्षित रखा जा सके.

ग्रामीण क्षेत्रों में बांस के गैबियन का उपयोग किया जाएगा. पतनेर-जोखमैला, बंतू बगीचा-मननपुर, बैरामा सौनी-वंशीपुर और गेरुआ छिलका-शिवसोना मार्ग पर हजारों बांस गैबियन के साथ सघन वृक्षारोपण किया जाएगा.

श्रृंगीऋषि धाम और नहर किनारे भी बढ़ेगी हरियाली

वन विभाग ने जिले के धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी इस अभियान में शामिल किया है.

प्रसिद्ध श्रृंगीऋषि शिवनगर उजरावण में 25 हेक्टेयर वन भूमि पर 27,500 पौधे लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा सिंचाई प्रमंडल सिकंदरा के सहयोग से जिले की नौ प्रमुख नहरों के किनारों पर भी पौधारोपण किया जाएगा.

मेन कैनाल, रामगढ़ ब्रांच, शर्मा, हलसी, हसनपुर, नंदियावां, सिकंदरा, दामोदरपुर और कजरा कैनाल को इसके लिए चिन्हित किया गया है.

जीविका दीदियों और मनरेगा को मिला अहम दायित्व

इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत करीब 1.60 लाख पौधे लगाने की जिम्मेदारी जीविका दीदियों और मनरेगा के माध्यम से पूरी की जाएगी.

इससे एक ओर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आय के अवसर भी मिलेंगे. स्थानीय स्तर पर पौधों की देखभाल और संरक्षण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

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Lakhisarai News: पर्यावरण के साथ रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना तय समय पर प्रभावी तरीके से लागू होती है तो इससे जिले का हरित क्षेत्र बढ़ेगा, भूजल संरक्षण में मदद मिलेगी और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में भी सहायता मिलेगी.

साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भागीदारी बढ़ेगी और पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर मजबूत होगी.

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लेखक के बारे में

राजीव मुरारी सिन्हा लखीसराय में प्रिंट माध्यम में 23 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के लखीसराय कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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