लखीसराय में तीन पंचायतों में लगे सहयोग शिविर में उमड़ी भीड़, 202 मामलों का मौके पर हुआ समाधान

Lakhisarai News: लखीसराय में के सूर्यगढ़ा प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया. तीन पंचायतों में लगे शिविर में सैकड़ों ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनमें बड़ी संख्या में मामलों का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया गया.

Lakhisarai News: सूर्यगढ़ा (लखीसराय) से राजेश गुप्ता की खबर — सूर्यगढ़ा प्रखंड के अरमा, उरैन और टोडलपुर पंचायत में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी. पंचायत स्तर पर आयोजित इस शिविर में लोगों से शिकायतें, समस्याएं और सुझाव लिए गए. तीनों पंचायतों में कुल 465 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 202 मामलों का मौके पर ही समाधान कर लोगों को तत्काल राहत दी गई.

दीप प्रज्वलित कर हुआ शिविर का शुभारंभ

टोडलपुर पंचायत के निस्ता गांव स्थित मनरेगा भवन में आयोजित शिविर का उद्घाटन जिला पंचायती राज पदाधिकारी पम्मी कुमारी, डीसीएलआर राहुल कुमार और वरीय उप समाहर्ता रवि कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. वहीं अरमा पंचायत सरकार भवन और उरैन पंचायत भवन में भी अलग-अलग सहयोग शिविर लगाए गए.

जमीन विवाद के सबसे ज्यादा मामले

शिविर में सबसे अधिक शिकायतें जमीन विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों की सामने आईं. अधिकारियों ने राजस्व कर्मियों को त्वरित जांच और पैमाइश के निर्देश दिए. प्रशासन की ओर से बताया गया कि अरमा पंचायत में 80, उरैन में 69 और टोडलपुर में 53 मामलों का मौके पर निष्पादन किया गया.

प्रशासन का संवेदनशील चेहरा भी आया सामने

शिविर के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों का मानवीय और संवेदनशील पक्ष भी देखने को मिला. कई अशिक्षित महिलाएं आवेदन लिखने में असमर्थ थीं, जिसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर कर्मियों ने स्वयं उनके आवेदन लिखकर जमा करवाए. ग्रामीणों ने इस पहल की जमकर सराहना की.

30 दिनों में लंबित मामलों के समाधान का भरोसा

अधिकारियों ने कहा कि शेष लंबित मामलों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है और उन्हें 30 दिनों के भीतर निष्पादित करने का प्रयास किया जाएगा. शिविर में बीडीओ मंजुल मनोहर मधुप, राजस्व अधिकारी जयकांत जायसवाल, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी मुकेश कुमार शर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी देर शाम तक मौजूद रहे.

ग्रामीणों में दिखा भरोसा

ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत स्तर पर इस तरह के शिविर लगने से उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है. लोगों ने इसे प्रशासन की सकारात्मक पहल बताया.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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