Aaj Ka Darshan : पीरी बाजार (लखीसराय) से रवि राज आनंद — आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम माने जाने वाला पीरी बाजार का ऐतिहासिक बड़ी दुर्गा मंदिर आज भी लाखों श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है. खासकर शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान यहां भक्तों का ऐसा जनसैलाब उमड़ता है कि पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूब जाता है. मंदिर की प्राचीनता, अलौकिक महिमा और धार्मिक मान्यताएं इसे जिले के सबसे चर्चित शक्ति स्थलों में शामिल करती हैं.
सदियों पुराना इतिहास, अटूट आस्था
स्थानीय लोगों और बुजुर्गों के अनुसार बड़ी दुर्गा मंदिर का इतिहास कई दशक पुराना है. पीढ़ियों से यह मंदिर लोगों की धार्मिक भावनाओं का केंद्र बना हुआ है. ग्रामीणों का मानना है कि मां दुर्गा यहां अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं. यही वजह है कि लोग सुख-दुख हर परिस्थिति में माता के दरबार में माथा टेकने पहुंचते हैं.
नवरात्रि में दिखता है अद्भुत नजारा
वैसे तो मंदिर में सालभर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रहती है, लेकिन शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां का दृश्य बेहद खास हो जाता है. प्रतिपदा से लेकर विजयादशमी तक पूरा पीरी बाजार माता के जयकारों से गूंजता रहता है. महासप्तमी, महाअष्टमी और महानवमी के दिन सुबह से ही दर्शन और खोइच्छा भरने के लिए महिलाओं और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं.
भव्य सजावट बनती है आकर्षण का केंद्र
पूजा के दौरान बड़ी दुर्गा मंदिर को आकर्षक रोशनी और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जाता है. मंदिर परिसर की भव्य सजावट और माता की दिव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देती है. शाम होते ही पूरा इलाका रोशनी से जगमगा उठता है, जिसे देखने दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं.
मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम
दुर्गा पूजा के दौरान मंदिर परिसर में विशाल मेले का आयोजन भी किया जाता है. इसके साथ ही कई सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक आयोजन लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं. परिवार के साथ यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु पूजा के साथ मेले और सांस्कृतिक माहौल का भी आनंद लेते हैं.
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