लखीसराय में बड़ी उपलब्धि! टीकाकरण दर पहुंची 93.3%, महज कुछ सालों में हुआ जबरदस्त सुधार

लखीसराय जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बच्चों के पूर्ण टीकाकरण कवरेज में 16.5% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है. अब यह 93.3% तक पहुँच गया है, जिससे 12 जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है.

लखीसराय. शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम करने और बच्चों को संक्रामक रोगों से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के आंकड़ों के अनुसार लखीसराय जिले में 12 से 23 माह के बच्चों का पूर्ण टीकाकरण कवरेज बढ़कर 93.3 प्रतिशत हो गया है. एनएफएचएस-5 के आंकड़ों में यह कवरेज 76.8 प्रतिशत था. इस तरह जिले में पूर्ण टीकाकरण कवरेज में 16.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है.

12 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए मुफ्त वैक्सीन

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया कि सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए विभिन्न टीके दिए जाते हैं. इनमें पोलियो, हेपेटाइटिस-बी, खसरा-रूबेला और पेंटावेलेंट समेत अन्य बीमारियों से बचाव के टीके शामिल हैं. उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण की सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है.

एनएफएचएस-5 के मुकाबले 16.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी

जिले में टीकाकरण कवरेज में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है. एनएफएचएस-5 के अनुसार 12 से 23 माह के बच्चों का पूर्ण टीकाकरण कवरेज 76.8 प्रतिशत था. एनएफएचएस-6 की नवीनतम रिपोर्ट में यह आंकड़ा बढ़कर 93.3 प्रतिशत हो गया है. स्वास्थ्य विभाग ने इसे जिले में टीकाकरण अभियान के बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम बताया है.

छूटे बच्चों की पहचान कर चलाए जा रहे विशेष सत्र

जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु नारायण लाल ने बताया कि टीकाकरण कवरेज बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना के तहत काम किया जा रहा है. आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं की ओर से तैयार की गयी सूची के आधार पर टीकाकरण से छूटे बच्चों को चिन्हित किया जाता है. इसके बाद जिले में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित कर उन्हें आवश्यक टीके लगाए जा रहे हैं.

डिजिटल अलर्ट और घर-घर फॉलोअप पर जोर

टीकाकरण अभियान में डिजिटल अलर्ट और घर-घर फॉलोअप की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया गया है. विशेष रूप से खसरा-रूबेला की एमआर-2 और डीपीटी बूस्टर खुराक के कवरेज को बढ़ाने पर प्राथमिकता दी जा रही है. स्वास्थ्यकर्मी परिवारों से संपर्क कर बच्चों के टीकाकरण की स्थिति की जानकारी लेते हैं और छूटे हुए टीकों को समय पर दिलाने के लिए प्रेरित करते हैं.

बुधवार और शुक्रवार को नि:शुल्क टीकाकरण

जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को नियमित टीकाकरण की नि:शुल्क व्यवस्था उपलब्ध करायी जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभिभावकों से बच्चों को निर्धारित समय पर टीका लगवाने और किसी भी खुराक को नहीं छोड़ने की अपील की गयी है.

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By राजेश कुमार

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